Home » मध्य प्रदेश » Ujjain: VHP leader attacked Sohrabuddin's brother
 

उज्जैन में सोहराबुद्दीन के भाई पर वीएचपी नेता ने किया जानलेवा हमला

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 November 2016, 12:02 IST
(एजेंसी)

गुजरात में फर्जी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सोहराबुद्दीन शेख के भाई रबाबुद्दीन शेख ने आरोप लगाया है विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के स्थानीय नेता भैरूलाल टांक और उनके समर्थकों ने उज्जैन में उन पर हमला किया.

उनके मुताबिक इस हमले में उनके साथ अंगरक्षक भी घायल हो गया, दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रबाबुद्दीन और टांक गोरक्षा अभियान चलाते हैं. इसलिए उज्जैन पुलिस ने दोनों को ही सुरक्षा के लिए पुलिस गार्ड दिया है.

इस मामले में पुलिन ने टांक और 19 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश, घर में जबरन घुसने और दंगा करने का मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक यह घटना सोमवार को कुंदन यादव नाम के एक टेलर के घर शाम चार बजे हुई.

रबाबुद्दीन ने बताया कि वो कुंदन यादव को दिवाली की बधाई देने गए थे, लेकिन वीएचपी नेता ने उनके उस इलाके में जाने पर आपत्ति की.

रबाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि टांक ने उन्हें बुरी तरह पीटा और हवा में गोली भी चलाई. रबाबुद्दीन के अनुसार पिटाई के कारण उनका कृत्रिम पैर बाहर निकल गया था. वो और उनका गार्ड इस समय उज्जैन के एक निजी अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं.

अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं

बताया जा रहा है कि जहां यह घटना हुई वो इलाका उज्जैन के नागड़ा थाने के तहत आता है. इस मामले में नागड़ा थाने के प्रमुख अजय कुमार वर्मा का कहना है कि मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.

वर्मा के अनुसार ये मामले संपत्ति के विवाद से जुड़े हैं. यादव जिस घर में रहते हैं वो उन्होंने टांक से खरीदा है. टांक उस घर को खाली कराना चाहते हैं. इस मामले में रबाबुद्दीन के दखल देने से दोनों पक्षों में मारपीट हुई.

इसके अलावा वर्मा ने यह भी कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं मिला है कि टांक ने हवा में गोली चलाई थी.

2005 में सोहराबुद्दीन का हुआ था एनकाउंटर

गौरतलब है कि गुजरात एटीएस ने साल 2005 में सोहराबुद्दीन शेख और उसकी पत्‍नी कौसर बी का उस समय फर्जी एनकाउंटर कर दिया था, जब वो पुलिस निगरानी में हैदराबाद से महाराष्‍ट्र के सांगली जा रहा था.

यह कथित एनकाउंटर 26 नवंबर 2005 को गांधी नगर के पास हुआ था. मामले में कई पुलिस अधिकारियों समेत गुजरात के तत्कालीन गृह मंत्री और बीजेपी के वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी आरोपी बनाए गए थे.

साल 2012 में सीबीआई ने शाह समेत गुजरात के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जांच शुरू की. साल 2014 में शाह को सोहराबुद्दीन शेख एनकाउंटर केस में आरोपमुक्त कर दिया गया था.

मुंबई की एक कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि शाह के खिलाफ कोई सबूत नहीं है और उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया गया.

शाह के खिलाफ वापस ली थी याचिका

वहीं अमित शाह को बरी किए जाने के खिलाफ सोहराबुद्दीन शेख के भाई रबाबुद्दीन ने अदालत के फैसले पर हैरानी जताते उसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन कुछ समय बाद उसने कोर्ट से कहा था कि वह फैसले के खिलाफ दायर याचिका वापस लेना चाहता है.

अदालत ने उसे याचिका वापस लेने पर फिर से विचार करने के लिए एक महीने का वक्त दिया था. एक महीने बाद भी रबाबुद्दान याचिका वापस लेने के फैसले पर कायम रहा और उसने अमित शाह को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका वापस ले ली.

First published: 3 November 2016, 12:02 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी