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देवेंद्र फडणवीस ने 5 बुद्धिजीवियों की गिरफ्तारी का किया बचाव, कहा- PM मोदी को मारने की थी साजिश

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 September 2018, 16:02 IST
(file photo )

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में नक्सल कनेक्शन के आरोप में गिरफ्तारी के बाद नजरबंद किए गए पाचों वामपंथी एक्टिविस्टों को लेकर बीजेपी लगातार विपक्ष के निशाने पर है. कांग्रेस सहित विपक्षी दल बीजेपी की सरकार की लगातार आलोचना कर रहे हैं. शुक्रवार को 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने इस मामले में दखल देने से मना कर दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को जांच आगे बढ़ाने का आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पांचों कार्यकर्ता अपनी रिहाई के लिए अपील कर सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर से निशाना साधा है. वहीं इसको लेकर बीजेपी अपने बचाव में आ गई है. भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पुणे पुलिस ने सबूतों के आधार पर पांचों एक्टिविस्टों की गिरफ्तार किया था.  वे देश में गृहयुद्ध कराने का प्रयास कर रहे थे. 

मीडिया खबरों के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं. जांच के आधार पर पुणे पुलिस को जो सबूत मिले हैं उसे स्वीकार किया गया और सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दखल नहीं देने से इनकार कर दिया है. फडणवीस ने कहा कि वे देश में गृहयुद्ध छेड़ने की कोशिश कर रहे थे. वे नक्सलियों का बचाव करते हैं. पीएण मोदी को मारने की साजिश रचते हैं. सबकुछ सामने आ गया है.

फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना है कि इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक दखल नहीं था और न ही विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया गया है. यह पुणे पुलिस और देश की जीत है.

गौरतलब है कि पिछले साल जनवरी में महाराष्ट्र के भीमाकोरे गांव में हिंसा फैल गई थी. इसकी जांच करते हुए पुणे पुलिस ने पांचों कार्यकर्ता वरवरा राव, अरुण फरेरा, वरनॉन गोंजाल्विस, सुधा भारद्वाज को गिरफ्तार किया. इसको लेकर विरोध शुरू हो गया. मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया. सुप्रीम कोर्ट ने पांचों कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. सभी को घरों में नजरबंद करने का आदेश दे दिया. शुक्रवार को भी सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए हिरासत अवधि चार हफ्ते तक बढ़ा दी है.

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First published: 28 September 2018, 16:02 IST
 
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