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एक हस्ताक्षर ने रद्द करा दी इस दम्पति की 9 साल पुरानी शादी, अदालत ने दिया ऐसा आदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 April 2018, 14:03 IST

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक दंपति को फैसला सुनाते हुए उनकी 9 साल पुरानी शादी को अमान्य घोषित कर दिया. जज ने कहा कि उन्हें धोखाधड़ी के कोई सबूत नहीं मिले, लेकिन फिर भी दोनों की शादी को अमान्य घोषित किया जाता है.

बताया जा रहा है कि महाराष्ट्र के कोल्हापुर के एक पति-पत्नी शादी के दिन से ही कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे. महिला ने कोर्ट में दावा किया था कि शख्स ने उससे धोखे से खाली कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए थे. जिसके लिए महिला ने मांग की थी कि उसकी शादी को रद्द कर किया जाए. वहीं शख्स ने इस बात का विरोध किया.

कोर्ट में फैसला सुनाते हुए जस्टिस मृदुला भटकर ने शादी को अमान्य घोषित करते हुए कहा कि दोनों के बीच शारीरिक संबंधों की भी पुष्टि नहीं हुई है. जस्टिस भटकर ने कहा, "दो पक्षों के विवाह के अहम उद्देश्यों में नियमित रूप से शारीरिक संबंध होना भी शामिल है. अगर उनके बीच किसी तरह का सेक्सुअल रिलेशनशिप नहीं है तो ऐसी शादी का कोई औचित्य नहीं.”

 

दोनों के 9 साल बर्बाद हुए- कोर्ट

जस्टिस भटकर ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि, "दोनों पक्षों के बीच संबंध बेहद खराब हैं और दोनों एक-दूसरे पर सिर्फ आरोप ही लगा रहे हैं. इससे दोनों के 9 साल भी बर्बाद हुए. ये व्यवहार उनके आने वाले कल पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. इसलिए एक विवादास्पद शादी विवाह विशेष अधिनियम के तहत मान्य नहीं हो सकती.

बता दें कि मामला साल 2009 का है. उस वक्त महिला 21 और पुरुष 24 साल का था. महिला ने अपनी याचिका में कहा था कि शख्स ने उससे खाली कागजात में धोखे से साइन करा लिए, लेकिन तब भी उसे महसूस नहीं हुआ कि वह शादी के कागजात थे. जब उसे वाकया मालूम हुआ तो उसने शादी को रद्द किए जाने की याचिका दायर की.

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First published: 30 April 2018, 14:03 IST
 
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