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मुंबई: BMC की बांटी दवाई खाने से 12 साल की लड़की की मौत, 197 बच्चे अस्पताल में भर्ती

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 August 2018, 19:07 IST

मुंबई में बीएमसी द्वारा दी गई दवाई के चलते कथित तौर 197 बच्चों की तबीयत खराब हो गई है. वहीं इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई है. बीएमसी ने मुंबई के एक स्कूल के बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की दवा दी थी. कथित तौर पर दवाई के दुष्प्रभाव के चलते जहां कई बच्चों को गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा.

ये हादसा बीएमसी द्वारा संचालित मुंबई के गोवांडी क्षेत्र के एक स्कूल में हुआ है. रिपोर्ट्स के अनुसार बच्चों को नेशनल हेल्थ स्कीम के तहत आइरन की दवाई दी गई थी जिसके चलते कई बच्चों की फूड पॉइजनिंग हो गई और उनकी स्थिति बिगड़ गई.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, डॉक्टर प्रजीप जाधव ने बताया कि शुक्रवार की सुबह बच्चों द्वारा पेट दर्द और उल्टी की शिकायत करने के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया. राजावाड़ी के अस्पताल में 161 बच्चे और गोवंडी के अस्पताल में 36 बच्चों को भर्ती कराया गया. वहीं, एक बच्ची की मौत हो गई है. बच्ची की नाम चांदनी शेख है. चांदनी की गुरुवार रात को मौत हो गई. 

चांदनी शेख के परिजनों का कहना है कि 6 अगस्त को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में आयरन और फोलिक एसिड की दवा खाने के बाद वह खून की उल्टी करने लगी. इसके बाद बच्ची ने बुधवार को स्कूल जाकर क्लास अटेंड की थी. इसके बाद गुरुवार रात को बैंगनवाड़ी स्थिति उसके घर में अचानक बच्ची की मौत हो गई.

डॉक्टर प्रदीप जाधव ने कहा कि बच्ची की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह क्या रही. उसका पता चल पाएगा. उसके बाद ही कुछ कहना सही होगा. वहीं, राजावाड़ी अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर विद्या ठाकुर ने बताया कि शुक्रवार को 22 बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया था. सभी पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत कर रहे थे.

दूसरी तरफ बीएमसी ने इस पूरे मामले पर सफाई पेश की है. बीएमसी का कहना है कि पीड़ित बच्ची को सोमवार को आयरन और फोलिक एसिड की दवा दी गई थी. इसके बाद पीड़ित लड़की दो दिन बुधवार और गुरुवार को स्कूल आकर क्लास में शामिल भी हुई थी. गुरुवार रात को अचानक घर में उसकी तबीयत खराब हो गई. रातभर खून की उल्टी करने के कारण उसकी मौत हो गई.

बीएमसी का कहना है कि बच्चों में खून की कमी से होनी वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत ये दवाई बांटी गई थी. बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा कि बच्ची की मौत के बाद अन्य बच्चों के माता पिता के अंदर डर फैल गया. जिसके बाद वो अपने बच्चों को जांच के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे. जांच के बाद सभी 161 बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया है.

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First published: 10 August 2018, 19:07 IST
 
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