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महाराष्ट्र: सरकारी स्कूलों में 'चाचा चौधरी और मोदी' पढ़ेंगे बच्चे, तिलमिलाया विपक्ष

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 May 2018, 10:12 IST

एनसीपी नेता सुप्रिया सुले ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य सरकार बच्चों की पढ़ाई को 'मार्केटिंग के औजार' के रूप में इस्तेमाल कर रही है. सुले ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि, "शिक्षा एक गंभीर विषय है. मार्केटिंग के औजार की तरह इसका इस्तेमाल शर्मनाक है.”

बता दें कि केंद्र सरकार की योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए बीजेपी अब चाचा चौधरी जैसे मशहूर कॉमिक्स पात्र का भी सहारा लेने लगी है. इस तरह की किताबों को सर्व शिक्षा अभियान के तहत पाठ्य पुस्तकों के अलावा बच्चों के अन्य अध्ययन के लिए प्रकाशित किया गया है. इन किताबों को महाराष्ट्र में पांचवी से दसवीं कक्षा के छात्रों को बांटा जाना है.

इसी को लेकर राजनैतिक पार्टियां बीजेपी पर हमलावर हो रही है. एनसीपी नेता सुप्रिया सुले प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 'चाचा चौधरी और नरेंद्र मोदी' नाम की किताब प्रतियां अपने साथ लाई थीं. बता दें कि इस किताब की कीमत 35 रुपये हैं. इस किताब को डायमंड कॉमिक्स ने प्रकाशित किया है.

इन किताबों को महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले पहली से पांचवीं क्लास के बच्चों को सहायक सामग्री के तौर पर बंटवाने के लिए खरीदा है. महाराष्ट्र सरकार ने पीएम मोदी पर आधारित इन किताबों की हजारों प्रतियां खरीदकर स्कूलों में बंटवाई हैं.

 

सुले ने प्रेस कॉन्फ्रें के दौरान कहा, "किताब में स्वच्छता को लेकर संदेश है, जो एक अच्छी बात है. लेकिन अगर उन्हें स्वच्छता का संदेश देने के लिए किसी हस्ती की जरूरत थी तो उन्होंने संत गाडगे महाराज को क्यों नहीं इस्तेमाल किया? क्या वर्तमान सरकार को लगता है कि श्रीमान मोदी ही सिर्फ एक ऐसे शख्स हैं जो इसके बारे में बात कर सकते हैं?”

न्होंने कहा कि शिक्षा एक बेहद अहम और संवेदनशील मुद्दा है. दुर्भाग्य की बात है कि वर्तमान सरकार इसे राजनीतिक विज्ञापनबाजी के लिए इस्तेमाल कर रही हैइस दौरान सुले ने कहा कि हाल ही में उन्हें पता चला कि इन किताबों को स्कूलों में बांटा जा रहा है. सुले के मुताबिक, वह इस बात पर विचार कर रही हैं कि राज्य सरकार के इस कदम को रोकने के लिए कोई कानूनी या दूसरा रास्ता निकाला जा सकता है या नहीं.

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First published: 30 May 2018, 10:10 IST
 
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