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उत्तराखंड के लक्ष्य बने दुनिया के नंबर 1 जूनियर बैडमिंटन खिलाड़ी

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 February 2017, 11:21 IST

उत्तराखंड के 15 वर्षीय लक्ष्य सेन ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड जूनियर बैडमिंटन रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंच गए हैं. लक्ष्य ने पिछले साल जूनियर एशियन चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, जबकि अरुणाचल प्रदेश में हुए ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट का खिताब भी जीतने में वह सफल रहे थे.

यह पहली बार है जब लक्ष्य पहले पायदान पर अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं. इससे पहले वह दूसरे स्थान पर काबिज थे. लक्ष्य के बड़े भाई चिराग सेन भी जूनियर रैंकिंग में विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी रह चुके हैं. इनसे पहले उत्तराखंड के ही आदित्य जोशी ने विश्व जूनियर रैंकिंग में शीर्ष स्थान हासिल किया था.

उत्तराखंड के अल्मोड़ा से आने वाले लक्ष्य सेन 10 साल की उम्र से बेंगलुरु स्थित 1980 के ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियन प्रकाश पादुकोण की बैडमिंटन अकादमी से प्रशिक्षण ले रहे हैं. लक्ष्य के पिता डीके सेन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) में बैडमिंटन कोच हैं. बड़े भाई चिराग सेन बैडमिंटन के नेशनल प्लेयर हैं. 

लक्ष्य सेन ने 2014 में विंबलडन अंडर 19 टूर्नामेंट जीता था. लक्ष्य लाइमलाइट में तब आये थे जब उन्होंने स्विस ओपन जूनियर टूर्नामेंट और डेनमार्क का एरोस अंडर-15 कप जीता था. लक्ष्य जूनियर नेशनल चैंपियन भी रह चुके हैं. 

दूसरी ओर सीनियर वर्ग में ओलंपिक रजत पदक विजेता पीवी सिंधु एक बार फिर विश्व रैंकिंग में छठे स्थान पर पहुंच गई हैं, जबकि  हाल में मलेशिया मास्टर्स का खिताब जीतने वाली साइना नेहवाल नौवें पायदान पर पायदान पर हैं.

पुरुषों की सिंगल्स रैंकिंग में सैयद मोदी बैडमिंटन चैंपियनशिप जीतने वाले भारतीय शटलर समीर वर्मा 10 पायदान की छलांग लगाकर 25वें स्थान पर पहुंच गए हैं. जबकि किदांबी श्रीकांत को रैंकिंग में नुकसान हुआ और वो शीर्ष-20 से बाहर हो गए हैं. श्रीकांत को लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल्स टूर्नामेंट से क्वार्टरफाइनल से बाहर होना पड़ा था.

First published: 3 February 2017, 11:21 IST
 
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