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Sikh riots 1984: नरसिम्हा राव ने गुजराल की सलाह मानी होती तो दंगों को टाला जा सकता था- मनमोहन सिंह

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 December 2019, 13:33 IST

Sikh riots 1984: पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan singh) ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि 1984 के सिख दंगों से बचा जा सकता था, यदि तत्कालीन गृहमंत्री नरसिम्हा राव (Narsimha Rao) ने इंद्र कुमार (IK Gujral) गुजराल की सलाह पर काम किया होता. वह पूर्व प्रधानमंत्री आईके गुजराल की 100वीं जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे. गुजराल 1997-98 में भारत के प्रधानमंत्री थे.

मनमोहन सिंह ने कहा “जब 1984 में वह दुखद घटना घटी, उस उदास शाम पर गुजराल जी तत्कालीन गृह मंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पास गए और उनसे कहा कि स्थिति इतनी गंभीर है कि सरकार को जल्द से जल्द सेना बुलाना आवश्यक है. अगर उस सलाह पर ध्यान दिया जाता तो शायद 1984 में होने वाले दंगों को टाला जा सकता था.”


तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके चार सिख सुरक्षाकर्मियों द्वारा हत्या के बाद 1984 के सिख दंगों में देशभर में 3,000 से अधिक सिख मारे गए थे. कई कांग्रेस नेताओं पर सिखों को निशाना बनाने के आरोप लगाए गए. 2005 में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 1984 के दंगों के लिए संसद के सदस्यों और देश से माफी मांगी थी. उन्होंने राज्यसभा में कहा था“मुझे न केवल सिख समुदाय से बल्कि राष्ट्र से भी माफी मांगने में कोई संकोच नहीं है. ऐसी घटनाओं पर शर्म से सिर झुका लेता हूं.”

ANI के अनुसार कार्यक्रम के दौरान मनमोहन सिंह ने 1975 से 77 के आपातकाल के बाद गुजराल के साथ अपने संबंधों की भी चर्चा की. उन्होंने कहा “वह सूचना और प्रसारण मंत्री थे और उन्हें आपातकाल के प्रबंधन के कुछ पहलुओं से समस्या थी और फिर उन्हें राज्य मंत्री के रूप में योजना आयोग में हटा दिया गया था. मैं तब वित्त मंत्रालय के साथ एक आर्थिक सलाहकार था''.

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First published: 5 December 2019, 11:53 IST
 
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