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फ़ारूक़ अब्दुल्ला: महबूबा सरकार को बर्खास्त कर फिर से हो विधानसभा चुनाव

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2017, 16:51 IST
(एएनआई)

श्रीनगर लोकसभा का उपचुनाव जीतने के बाद नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है. फारूक ने राज्य में सत्ताधारी पीडीपी के नज़ीर अहमद खान को 10350 वोटों के अंतर से शिकस्त दी है. 2014 के लोकसभा चुनाव में अब्दुल्ला यहां से पहली बार चुनाव हारे थे. उन्हें  पीडीपी के तारिक हमीद कर्रा ने चुनाव हराया था.

8 जुलाई 2016 को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद से कश्मीर घाटी में हालात नहीं सुधरे हैं. यहां तक कि श्रीनगर उपचुनाव में महज 7.14 फीसदी वोट पड़े थे. इस दौरान पत्थरबाजी और हिंसक घटनाओं में आठ लोगों की मौत हो गई थी. 

'अब तक का सबसे खूनी चुनाव'

जम्‍मू-कश्‍मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने अपनी जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मैं भारत सरकार और देश के राष्ट्रपति से मांग करता हूं कि मौजूदा महबूबा मुफ्ती सरकार को फौरन बर्खास्त किया जाए. जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन लगाया जाए और राज्यपाल शासन में ही दोबारा विधानसभा के चुनाव कराए जाएं."  

पढ़ें: श्रीनगर उपचुनाव: 8 मौतें, 200 नागरिक और 100 जवान घायल, कुल 7.14 फ़ीसदी वोटिंग

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "जनता को धन्यवाद जिन्होंने मेरा समर्थन किया. यह अब तक का सबसे खूनी चुनाव था. नतीजे बताते हैं कि लोग नेशनल कॉन्फ्रेंस के समर्थन में हैं." 

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PDP के तारिक हमीद कर्रा ने दिया था इस्तीफा

पिछले साल जुलाई में आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद पीडीपी नेता तारिक हमीद कर्रा ने अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, जिसके चलते यह सीट खाली हो गई थी. 

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इस चुनाव को राज्य की मुख्‍यमंत्री महबूबा मुफ्ती की लोकप्रियता का लिटमस टेस्ट माना जा रहा था. जम्मू- कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला ने महबूबा मुफ्ती की अगुआई वाली सरकार को चुनावी हिंसा और बेहद कम मतदान के बाद कठघरे में खड़ा किया था.

First published: 15 April 2017, 16:44 IST
 
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