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मोदी को हराने के लिए अखिलेश को मायावती का साथ पसंद है...

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 April 2017, 13:29 IST
(एएनआई)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि झूठ की राजनीति के खिलाफ वे किसी तरह के गठबंधन के लिए तैयार हैं. यूपी चुनाव में करारी हार के बाद अखिलेश ने लखनऊ से समाजवादी पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की है. 

इस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने कहा, "हार की समीक्षा हुई है. सभी से बात भी हुई है. निष्कर्ष ये है कि जनता को धोखा देकर सरकार बनाई गई. धर्म और जाति के आधार पर बात कर सरकार बनाई गई." 

'किसी भी गठबंधन के लिए सपा तैयार'

जब अखिलेश से मायावती के साथ गठबंधन पर सवाल पूछा गया तो भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "झूठ के खिलाफ राजनीति का रास्ता खुलना चाहिए. आने वाले समय में देश में जो भी गठबंधन बनेगा समाजवादी पार्टी उसमें अहम भूमिका निभाएगी. कोई गठबंधन हो हम उसके लिए तैयार हैं. मेरे पास अभी काफी समय है. हम देश के सभी नेताओं से मिलेगे." 

भाजपा को निशाने पर लेते हुए यूपी के पूर्व सीएम ने कहा, "भाजपा वाले तो ऐसे हैं कि हमें हिंदू ही नहीं समझते, अब तो ऐसा है  कि मंदिर जाऊं तो पहले फोटो ट्वीट कर दूं."

'EVM नहीं बैलट पेपर से हो चुनाव'

बसपा, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बाद अखिलेश ने भी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर सवाल उठाए हैं. अखिलेश ने कहा, "ईवीएम में गड़बड़ी पर चुनाव आयोग जवाब दे. चुनाव आयोग ये बताए कि मशीन कैसे खराब होती है. मशीन कभी भी धोखा दे सकती है. हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है. ईवीएम में सॉफ्टवेयर कौन डालता है, हमें नहीं मालूम. हम चाहते हैं कि वोट बैलट पेपर से हो, समाजवादी पार्टी का यही स्टैंड है.

सदस्यता अभियान के लिए संविधान संशोधन 

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने इस दौरान बताया कि सदस्यता के नियमों को बेहतर बनाने के लिए पार्टी संविधान में संशोधन किया गया है. अब सदस्यों का कार्यकाल 3 साल के बजाए 5 साल का होगा. 

पार्टी ने सदस्यता अभियान को बड़े पैमाने पर शुरू किया है. इसके तहत लोग महज एक मिस कॉल से समाजवादी पार्टी के सदस्य बन सकते हैं. अखिलेश ने इस दौरान बताया कि सदस्यता कार्यक्रम लगातार 2 महीने चलेगा. पर्ची काटकर, मिस्ड कॉल के साथ ही सोशल मीडिया के जरिए भी पार्टी की सदस्यता ली जा सकती है. 

गौरतलब है कि यूपी विधानसभा चुनाव में इस बार सपा को केवल 47 सीटों पर जीत हासिल हुई है. चुनाव में उसने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया था. कांग्रेस को सात सीटें मिल सकी हैं. गुरुवार को मायावती ने कहा था कि भाजपा को हराने के लिए वो किसी से हाथ मिलाने को तैयार हैं. अब अखिलेश के बयान के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले मोदी को जवाब देने के लिए महागठबंधन की सुगबुगाहट दिखने लगी है.

First published: 15 April 2017, 13:07 IST
 
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