Home » राजनीति » Amit shah says, fill the gap between government, organization and workers
 

'मिशन MP' के लिए शाह का मंत्र: सत्ता, संगठन और कार्यकर्ता के बीच की खाई भरें

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2017, 14:08 IST
ट्विटर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों को कार्यकर्ताओं से बढ़ती दूरी खत्म करने की सख्त हिदायत दे गए. उन्होंने यह संदेश भी दिया कि अपने को बदलो नहीं तो आपको बदल दिया जाएगा.

विधायक से सांसद बनने के बाद देशव्यापी भ्रमण पर निकले शाह 18 से 20 अगस्त तक मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहे. उन्होंने अंतिम दिन पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के कार्य विस्तार योजना को लेकर पूर्ण कालिक कार्यकर्ता, प्रदेश पदाधिकारी व कोर ग्रुप की बैठक ली.

सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान उनके सामने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों और पदाधिकारियों की खुलकर शिकायत की. साथ ही कहा कि संगठन और मंत्री कार्यकर्ता की बात सुनते ही नहीं हैं.

शाह ने इस दौरान साफ कहा कि सभी को अपने काम करने का तरीका बदलना होगा. सभी को निचले स्तर तक जाकर पार्टी को मजबूत बनाने के प्रयास जारी रखने होंगे और जो ऐसा नहीं कर सकते, उनके बारे में पार्टी निर्णय लेगी. उन्होंने सभी को लगातार दौरे करने की हिदायत दी.

सूत्रों का कहना है कि शाह ने कई बार तमाम बड़े नेताओं से लेकर मंत्रियों तक को फटकार लगाने में हिचक नहीं दिखाई. शाह ने सभी को हिदायत दी कि वे अपने कामकाज के तरीके बदल दें, क्योंकि पार्टी और सरकार है तो वे (नेता) हैं, नहीं तो वे खुद क्या हैं?

शाह तो संगठन और मोर्चों की स्थिति का जिक्र करते हुए यहां तक कह गए, "आप लोग अगले विधानसभा चुनाव में दो सौ के पार का नारा दे रहे हैं, मगर संगठन व मोर्चों का काम देखकर ऐसा नहीं लगता कि मिशन सफल हो पाएगा. मोर्चे कैसे चल रहे हैं, यह अपने आप में सवाल है."

अमित शाह ने अंतिम दिन रविवार को लाल परेड मैदान में मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना का उद्घाटन करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के युवा इस योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया जैसी योजनाओं में सफलता अर्जित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'न्यू इंडिया' के निर्माण में भागीदार बनें.

पार्टी अध्यक्ष ने आगे कहा कि भारत दुनिया में युवा देश के रूप में सभी का ध्यान आकर्षित कर रहा है. प्रधानमंत्री ने नए भारत के निर्माण का जो सपना संजोया है, उसे साकार बनाने में युवा ऊर्जा निर्णायक योगदान करेगी. 

उन्होंने बताया कि भारत के निर्माण की प्रक्रिया से जुड़े हुए तमाम इनीशिएटिव प्रधानमंत्री ने शुरू कर दी है. मुद्रा बैंक योजना, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के सफल होने पर भारत विश्व में महान शक्ति के रूप में उभरेगा.

उन्होंने कहा कि युवकों के लिए दुनिया में विकास की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इन संभावनाओं को विकसित करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मेधावी छात्र योजना के रूप में एक सशक्त मंच प्रदान किया है, जिसका युवा वर्ग को भरपूर लाभ उठाना चाहिए.

वहीं, मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के हायर सेकेंडरी में 75 प्रतिशत से अधिक अंक और सीबीएसई में 85 प्रतिशत अंक पाने वाले विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार उच्च शिक्षा संस्थाओं में अध्ययन का अवसर सुनिश्चित किया जाएगा. इन उच्च शिक्षा संस्थाओं- आईआईटी, आईआईएम, मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसी तमाम संकायों में प्रवेश लेने पर उनकी पांच वर्षो की फीस मध्यप्रदेश सरकार वहन करेगी.

34 करोड़ की संपत्ति के स्वामी शाह ने अपने दौरे के अंतिम दिन भापाल के निकटवर्ती गांव सेवनियां गौड़ में आदिवासी कमल सिंह के घर में भोजन किया. उनके साथ मुख्यमंत्री सहित कई अन्य नेता भी थे. बाद में पता चला कि कमल के घर में शौचालय नहीं है. यह खुलासा होने पर विपक्षी कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया, क्योंकि खुद शाह ने भोपाल जिले को खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया है.

दौरे के पहले दिन शाह ने मंत्री नरोत्तम मिश्र के घर भोजन किया था. नरोत्तम ऐसे मंत्री हैं, जो विधानसभा नहीं जा सकते, क्योंकि चुनाव जीतने में भ्रष्ट तरीके अपनाने का दोषी पाते हुए निर्वाचन आयोग उन्हें अयोग्य ठहरा चुका है. भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की मुहिम में लगी पार्टी के अध्यक्ष ने एक 'भ्रष्ट' के घर मेहमान बनकर विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दे दिया.

First published: 21 August 2017, 14:08 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी