Home » राजनीति » anna hazare says- Padma Bhushan will return if my demand not fulfill
 

अन्ना ने दी मोदी सरकार को धमकी, बोले- मेरी मांग पूरी न की तो लौटा दूंगा पद्म भूषण

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 February 2019, 10:54 IST

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे पिछले 6 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. इस दौरान मोदी सरकार से नाराज चल रहे अन्ना हजारे कहा, अगर मेरी मांगे पूरी नहीं की गई, तो मैं भारत सरकार के द्वारा मिला पद्म भूषण सम्मान राष्ट्रपति को लौटा दूंगा. बता दें कि पिछले 6 दिनों से अन्ना हजारे रालेगण सिद्धि में गांव में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं. ये हड़ताल अन्ना हजारे लोकपाल की मांग को लेकर कर रहे हैं.

अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने कहा, "मैं अपना पद्म भूषण सम्मान राष्ट्रपति को वापस लौटाऊंगा. मैंने ये अवॉर्ड सामाजिक सेवा के लिए लिया था, लेकिन जब देश इस स्थिति में है, तो मैं कैसे ये अवॉर्ड रख सकता हूं?" मालूम हो कि अन्ना हजारे को सामाजिक सेवा के लिए 1990 में पद्म श्री और 1992 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.

बता दें कि इससे पहले रविवार ANI से बातचीत के दौरान अन्ना हजारे ने कहा था, "लोग मुझे ऐसे इंसान के तौर पर याद रखेंगे जो स्थिति से निपटता था, ऐसे इंसान के तौर पर नहीं जो आग भड़काता था. अगर मुझे कुछ हुआ तो लोग प्रधानमंत्री मोदी को जिम्मेदार मानेंगे." अन्ना हजारे ने कहा, "लोकपाल के जरिए प्रधानमंत्री के खिलाफ भी जांच हो सकती है, अगर लोग उनके खिलाफ कोई सबूत पेश करते हैं."

अन्ना हजारे 30 जनवरी से जन आंदोलन सत्याग्रह बैनर के तले केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त लाने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं. अन्ना हजारे के समर्थकों ने शनिवार को दावा किया था कि अन्ना को पीएम कार्यालय से एक पत्र मिला है. पत्र में गांधीवादी नेता के प्रति ‘रुखा रवैया’ झलकता है.

पढ़ें ये भी- लोकसभा चुनाव के पहले PM मोदी का बड़ा दांव, नीरव मोदी के बंगले पर विस्फोट कराएगी BJP सरकार

अन्ना हजारे के प्रवक्ता श्याम असावा ने कहा, "पीएमओ से प्रतिक्रिया मिलने पर पश्चिमी महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में उनके रालेगण सिद्धि गांव में विरोध प्रदर्शन में इजाफा हुआ." उन्होंने कहा, "महिलाओं सहित कुछ प्रदर्शनकारी गांव में एक टावर के ऊपर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. वहीं कुछ ग्रामीणों ने पारनेर-वाडेगवहान मार्ग पर यातायात बाधित किया." श्यामा असावा ने कहा, "पुलिस ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया."

बता दें कि अन्ना हजारे ने 1 जनवरी को PMO को पत्र भेजा था, जिसमें उन्होंने केंद्र और महाराष्ट्र में भ्रष्टाचार विरोधी लोकपाल एवं लोकायुक्त की तत्काल नियुक्ति की मांग की थी. इसके साथ ही उन्होंने किसानों के मुद्दों के समाधान की भी मांग थी.

First published: 4 February 2019, 10:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी