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SC के फैसले पर केजरीवाल को जेटली का जवाब, कहा- दिल्ली सरकार को नहीं ये अधिकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 July 2018, 15:27 IST

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी दिल्ली सरकार और एलजी के अधिकारों को लेकर चली आ रही जंग समाप्त होने का नाम नहीं ले रही है. अब अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर घमासान शुरू हो गया है. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केजरीवाल सरकार सर्विसेज को अपने अधीन बता रही है.

वहीं, अब केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने केजरीवाल को जवाब दिया है. जेटली ने एक ब्ल़ॉग लिखा है. इसमें उन्होंने कहा कि है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में किसी की हार और जीत नहीं है. इसको एक दूसरे की हार-जीत के रूप में नहीं देखना चाहिए. जिन मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं कहा है उनको किसी पक्ष का समर्थन नहीं माना जा सकता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार को किसी जांच एजेंसी की नियुक्ति करने का अधिकार नहीं है.

जेटली ने गुरुवार को दिल्ली में संवैधानिक पक्षों पर अपनी राय देते हुए एक ब्लॉग लिखा है.  उन्होंने इसमें  कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कुछ मुद्दों पर अपनी कोई राय नहीं दी है. इसलिए इसको कोर्ट का किसी एक पक्ष के लिए विशेष झुकाव नहीं माना जा सकता है. उन्होंने लिखा, दिल्ली सरकार के अधीन पुलिस नहीं आती है. इसलिए वो दिल्ली में कोई भी जांच एजेंसी का गठन नहीं कर सकती है. केजरीवाल सरकार ऐसा पहले कर चुकी है. यह पूरी तरह से गलत है.

जेटली ने आगे लिखा, दिल्ली की तुलना देश के अन्य राज्यों से नहीं की जा सकती है. संघशासित काडर के तौर पर प्रशासन को दिल्ली सरकार के अधीन बताने वाली व्याख्या भ्रमित करने वाली है. उन्होंने लिखा, दिल्ली के उपराज्यपाल की भूमिका अन्य राज्यों के राज्यपाल की तरह नहीं है. दिल्ली में उपराज्यपाल को एक प्रशासनिक प्रतिनिधि के रूप में नियुक्त किया गया है. इस फैसले को दिल्ली सरकार के पक्ष में नहीं मानते हुए यह कहा जाना चाहिए कि दिल्ली सरकार की शक्तियों को मान्यता देते हुए देश की राजधानी में केंद्र सरकार को सर्वोपरि रखा गया है.

जेटली ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर लिखा, सर्वोच्च अदालत का यह फैसला संविधान की मूल भावना और उसके प्रावधानों को स्थापित करता है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में ना तो किसी की शक्तियों को बढ़ाया है औऱ ना ही किसी की शक्ति कम की है. सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की चुनी हुई सरकार पर जरूर बल दिया है, लेकिन दिल्ली एक संघशासित प्रदेश होने के कारण यहां चुनी हुई सरकार और केंद्र सरकार के साथ शक्तियों का विभाजन किया गया है.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार और एलजी के अधिकारों को लेकर एक अहम फैसला सुनाया था. सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि उपराज्यपाल के पास दिल्ली सरकार हर मामले में दखल देने का अधिकार नहीं है. दिल्ली में एक चुनी हुई सरकार है. उपराज्यपाल उसके फैसलों में दखल नहीं दे सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले और पोस्टिंग के लिए फैसले लेने का अधिकार मंत्रियों को दे दिया. माना जा रहा है कि जेटली ने केजरीवाल को इसी का जवाब दिया है.

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First published: 5 July 2018, 15:27 IST
 
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