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'अगर दिल्ली में लागू हुई NRC, तो मनोज तिवारी को सबसे पहले छोड़नी पड़ेगी दिल्ली '

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 September 2019, 16:12 IST

पूरे देश में पिछले कुछ महिनों से NRC की बहस छिड़ी हुई है. कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने अपने राज्य में NRC लागू करने की वकालत की है. देश के गृह मंत्री अमित शाह ने हाल में साफ तौर पर कहा था कि बीजेपी के संकल्प पत्र में पूरे देश में NRC लागू करने का वादा था जिसे वो पूरे जरूर करेंगे.

वहीं दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने हाल ही एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली में भी NRC लागू होनी चाहिए. दरअसल, बीते दिनों एक पत्रकार पर हमला हुआ था. मनोज तिवारी ने इसी घटना को लेकर कहा था कि अगर दिल्ली में NRC लागू होती तो पत्रकार पर हमला नहीं होता.


 

दिल्ली में NRC लागू करने के मुद्दे पर राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर दिल्ली में NRC लागू हुई तो सबसे पहले मनोज तिवारी को दिल्ली छोड़नी पड़ेगी.

मनोज तिवारी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा,'मैं पूछना चाहता हूं कि क्या वह यह कहना चाहता है कि दिल्ली में रह रहे पूर्वांचल के लोग अवैध घुसपैठिया है, जिन्हें वो दिल्ली से भगाना चाहते हैं.' उन्होंने आगे कहा,'जो लोग दूसरे राज्यों से दिल्ली आए गए हैं क्या आप उन्हें (दिल्ली के मुख्यमंत्री) विदेशी मानते हैं? आप उन्हें दिल्ली से बाहर करना चाहते हैं, आप उनमें से एक हैं. यदि यह उनका यही इरादा है तो मुझे लगता है कि उन्होंने अपनी मानसिक स्थिरता खो दी है. एक IRS अधिकारी कैसे नहीं जानता कि NRC क्या है?

बता दें, मनोज तिवारी बिहार से आते हैं और साल 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले उन्होंने भाजपा का दामन थामा था. दिल्ली में पूर्वांचलियों की तादाद अच्छी खासी है जिस कारण बीजेपी ने उन्हें दिल्ली का प्रदेश अध्यक्ष बनाया.

दिल्ली में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं तो ऐसे में कहना गलता नहीं होगा कि मनोज तिवारी अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर और हमलावर हो सकते हैं और उनके बयानों को पूर्वांचलियों की असमिता से नहीं जोड़ेगे.

First published: 25 September 2019, 16:12 IST
 
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