Home » राजनीति » Bolywood actor Balraj Sahni campaigned against Atal Bihari Vajpayee in Lok Sabha election of 1962
 

जब वाजपेयी को हराने के लिए नेहरू ने बलराज साहनी को चुनाव प्रचार में लगाया...

सुधाकर सिंह | Updated on: 25 December 2016, 8:11 IST
(फाइल फोटो)
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उत्तर प्रदेश के अवध इलाक़े में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक ज़िला है बलरामपुर. देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का यहां से गहरा नाता रहा है. 

बलरामपुर संसदीय सीट से ही अटल बिहारी वाजपेयी पहली बार संसद की दहलीज लांघने में सफल रहे. हालांकि उन्होंने अपना पहला चुनाव 1955 में लड़ा था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली. 1957 के लोकसभा चुनाव में तत्कालीन गोंडा जिले की बलरामपुर लोकसभा सीट ने भारत की संसद को प्रखर वक्ता और आम सहमति की सियासत का बड़ा पैरोकार दिया. 

1962 के आम चुनाव में पंडित जवाहर लाल नेहरू ने अटल जी के खिलाफ सुभद्रा जोशी को उतारा. यह वो दौर था जब चुनाव में आज के उलट फिल्मी हस्तियों को उतारने का प्रचलन नहीं था. लेकिन पंडित नेहरू को वाजपेयी की कुशल भाषण क्षमता और जनता को खींचने की कला का अंदाज़ा था, लिहाजा इस चुनाव में उन्होंने उस ज़माने के मशहूर एक्टर बलराज साहनी को कांग्रेस के लिए बलरामपुर क़स्बे में प्रचार का न्योता दिया.

फाइल फोटो

अटल के खिलाफ रिक्शे पर बलराज साहनी

दिवंगत शायर और पूर्व राज्यसभा सदस्य बेकल उत्साही (3 दिसंबर 2016 को निधन) ने इस घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि बलरामपुर कस्बे के परेड ग्राउंड में हुई बलराज साहनी की सभा में अच्छी खासी भीड़ जुटी थी. छोटे से कस्बे में तकरीबन 15 हजार लोग बलराज साहनी को सुनने के लिए पहुंचे थे. 

यही नहीं बेकल उत्साही ने इस यादगार चुनाव प्रचार के बारे में बातचीत के दौरान बताया था कि बलराज साहनी ने दो दिन तक बलरामपुर में रुककर कांग्रेस की उम्मीदवार सुभद्रा जोशी का प्रचार किया था. यही नहीं कई बार तो वे रिक्शे से भी प्रचार के लिए निकल पड़े थे. 

2052 वोट से अटल जी को शिकस्त

बलराज साहनी की एक ऐसे अभिनेता के रूप में पहचान थी, जिन्हें रंगमंच और फ़िल्म दोनों ही माध्यमों में समान दिलचस्पी थी. उनकी सबसे बड़ी खासियत यह थी कि वे अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों को पर्दे के पात्र से भावनात्मक रूप से जोड़ देते थे. 

बलराज साहनी के प्रचार ने आखिरकार अपना असर दिखाया और सुभद्रा जोशी ने कांटे के मुकाबले में अटल बिहारी वाजपेयी को 2052 वोट से शिकस्त दे दी. सुभद्रा जोशी को कुल 1 लाख 2 हजार 260 वोट हासिल किए, जबकि अटल जी को 1 लाख 208 वोट मिले. महज एक फीसदी से भी कम मतों के अंतर से सुभद्रा को जीत मिली थी. इस चुनाव की कस्बे में आज भी चर्चा होती है.

भारत निर्वाचन आयोग
First published: 25 December 2016, 8:11 IST
 
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