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बोले सुब्रमण्यम स्वामी- गद्दार हैं अमर्त्य सेन, सोनिया गांधी के दबाव में दिया गया था भारत रत्न

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 January 2018, 15:52 IST

भाजपा नेताओं द्वारा विवादित बयान देना कोई नई बात नहीं है. इसी कड़ी में बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने भारत रत्न प्राप्त अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन पर जमकर धावा बोला है. स्वामी ने तो अमर्त्य सेन को गद्दार तक कह डाला.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान स्वामी ने अमर्त्य सेन को गद्दार कहकर संबोधित किया. स्वामी ने आरएसएस के कामों के तारीफों के पुल बांधते हुए कहा कि वह भी भारत के ही नागरिक हैं. आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने देश के लिए बहुत काम किया है, लेकिन उन्हें उतनी सम्मानित निगाहों से नहीं देखा जाता है.

 

भाजपा सांसद ने कहा कि अमर्त्य सेन ने बिहार के प्रख्यात नालंदा विश्वविद्यालय को लूटने का काम किया है. स्वामी ने दावा किया कि एनडीए ने अमर्त्य सेन को भारत रत्न सिर्फ इसलिए दिया क्योंकि वह लेफ्ट विंग का समर्थन करते हैं और सोनिया ने उन पर दवाब बनाया था.

गौरतलब है कि वर्ष 1998 में अमर्त्य सेन को भारत के सर्वोच्च पुरस्कार भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. उस वक्त केंद्र की सत्ता पर अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हुआ करती थी.

दरअसल, गणतंत्र दिवस की पूर्व संख्या पर मोदी सरकार ने देश के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया था. इसे लेकर कांग्रेस ने बीजेपी निशाना साधा था. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा था कि सिर्फ उन्हीं लोगों को इस लिस्ट में जगह दी गई है जो सरकार का प्रचार और प्रसार करने में योगदान दे रही है. इसमें आरएसएस के लोग हैं.

 

सुरजेवाला ने ट्विटर पर पद्म पुरस्कार पाने वाले पांच लोगों पर सवाल खड़ा किया था, जिनमें आरएसएस नेता वेद प्रकाश नंदा और केरल आरएसएस प्रचारक चीफ पी परमेश्वर के नाम भी शामिल थे. सुरजेवाला ने कहा था कि बीजेपी सरकार नंदा को भी पद्म पुरस्कार देने का ऐलान किया है.

उन्होंने कहा कि सरकार एक ऐसे शख्स को सम्मानित कर रही है जो एनआरआई लोगों के बीच आरएसएस के विचारों का प्रचार और उनकी संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है.

First published: 29 January 2018, 15:52 IST
 
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