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'मोदी, मायावती या फिर लालू सत्ता में चाहे जो भी हो, दलितों के खिलाफ होते हैं अत्याचार'

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 June 2018, 14:17 IST

भाजपा के सांसद उदित राज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के SC/ST एक्ट में बदलाव करने के बाद से दलितों पर अत्याचार की घटनाओं में बढोतरी हुई है. उनका कहना था कि इस एक्ट में बदलाव के बाद इन लोगों में खौफ नहीं रह गया है.

भाजपा के दलित सांसद उदित राज ने रिपोर्टरों से बातचीत में कहा, "जलगांव एवं मेहसाणा में जो भी हुआ है उससे यही लगता है कि गुनहगारों में सजा का बिल्कुल खौफ नहीं है. मोदी, मायावती या फिर लालू सत्ता में चाहे जो भी हो दलितों के खिलाफ अत्याचार जारी रहता है."

भाजपा सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में आरक्षण का समर्थन किया. उदित राज ने कहा कि वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर संयुक्त सचिवों की नियुक्ति में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण की मांग करेंगे. दरअसस मोदी सरकार लेटरल एंट्री के तहत 10 सयुंक्त सचिवों की भर्ती निजी संस्थानों के लोगों के जरिए कर रही है.

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उदित राज ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर 'रावण' की तत्काल रिहाई की मांग की. चंद्रशेखर सहारनपुर में हुई हिंसा के आरोप में पिछले एक साल से जेल में बंद है. भाजपा के सासंद ने दलितों और आदिवासियों के आल इंडिया कॉनफेडरेशन की मीटिंग बुलाई है. ये एक गैर राजनीतिक संस्था है जिसके वो चलाते हैं. ये मीटिंग दलितों और आदिवासी समाज के अलग-अलग मुद्दो पर बातचीच करने के लिए बुलाई गई है.

मीटिंग में इन मुद्दो पर होगा फोकस

17 जून को होने वाली इस मीटिंग में  सुप्रीम कोर्ट द्रारा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) अधिनियम पर दिए फैसले, 5 मार्च को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) के विश्वविद्यालयों में नियुक्ति को लेकर जारी की गई गाइड लाइन और दो अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के बाद दलितों पर आदिवासियों पर दायर किए मुकदमों पर चर्चा होगी.

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First published: 16 June 2018, 14:18 IST
 
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