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'अधिकांश राज्यों में BJP की सरकार के बाद भी पेट्रोल-डीजल GST के दायरे में क्यों नहीं?'

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 June 2018, 12:53 IST
(file photo)

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने केंद्र की मोदी सरकार दबाव में है. कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियां पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों का लेकर मोदी सरकार पर हमलावर हैं. एक बार फिर से कांग्रेस की तरफ से बीजेपी पर इसको लेकर हमला बोला है.

पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि मोदी सरकार पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं ला रही है. जीएसटी के दायर में आते ही पेट्रोल डीजल के अपने आप कम हो जाएंगे.

पी चिदंबरम ने कहा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार है. अधिकांश राज्यों में भी बीजेपी की सरकार है. अब केंद्र सरकार चाहे तो राज्यों में पेट्रोल-डीजल को सीधे जीएसटी के दायरे में ला सकती है. ज्यादातर राज्यों में उसकी ही सरकार है. पता नहीं केंद्र सरकार इसके लिए राज्यों पर आरोप क्यों लगा रही है. सरकार को बिना देर किए इसको जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. 

पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद भी मई-जून 2014 में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जो कीमतें थी, आज उससे ज्यादा है. जबकि इनकी कीमत बढ़ने का कोई खास कारण नजर नहीं आ रहा है. इसके बाद भी इनकी कीमत बढ़ती जा रही हैं.

चिदंबरम ने कहा कि केंद्र सरकार पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ा रही है. पेट्रोल डीजल के बढ़ते दामों से जनता में नाराजगी है. सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा कर जनता को लूटने का प्रयास कर रही है.

इसके अलावा रेपो रेट बढ़ाए जाने को लेकर भी पी चिदंबरम ने बीजेपी पर निशाना है. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि मंहगाई तेजी से बढ़ती जा रही है. इस स्थिति में मुद्रास्फीति से कुछ उम्मीदें थी, लेकिन पिछले दिनों रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद किसी सबूत की जरूरत नहीं है. इसका सीधा असर लोगों पर पड़ेगा.

First published: 11 June 2018, 12:53 IST
 
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