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मोदी-शाह के ख़िलाफ़ पहली बार साथ दिखे मायावती और अखिलेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2017, 11:23 IST

यूपी में एक-दूसरे के धुर विरोधी मायावती और अखिलेश यादव के एक पोस्टर में साथ दिखने से दोनों के हाथ मिलाने के राजनीतिक कयास तेज हो गए हैं. बीएसपी के ट्विटर हैंडल से एक पोस्टर शेयर हुआ है, जिसमें बीएसएपी सुप्रीमो मायावती समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ नज़र आ रही हैं.

आने वाले 27 अगस्‍त को पटना में लालू प्रसाद यादव की राजद ने विपक्ष को एकजुट करने के मकसद से एक बड़ी रैली का आयोजन कर रखा है. इसमें बड़े विपक्षी नेताओं के जुटने की संभावना है. इसी सिलसिले में बीएसपी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्‍टर जारी किया है.

पोस्टर में मायावती के साथ पहली बार अखिलेश यादव का फोटो भी दिख रहा है. मायावती और अखिलेश यादव के अलावा लालू यादव, ममता बनर्जी, सोनिया गांधी इस पोस्टर में एक साथ दिख रहे हैं.

इस पोस्टर में लिखा गया  है कि सामाजिक न्याय के नाम पर विपक्ष एक हो. गौरतलब है कि इन सभी नेताओं में मायावती की बड़ी फोटो है बाकी सब नेताओं की फोटो बराबर है.

भाजपा के खिलाफ होने वाली इस रैली में अखिलेश यादव के शामिल होने की ख़बर है. हालांकि बीएसपी प्रमुख मायावती इस रैली में नहीं पहुंचेंगी लेकिन उनकी पार्टी की तरफ से मायावती के नज़दीकी वरिष्‍ठ नेता और वकील सतीश चंद्र मिश्रा शामिल होंगे. 

हाल ही में जेडीयू सांसद शरद यादव ने में साझी विरासत बचाओ के नाम पर 17 विपक्षी पार्टियों के नेताओं को एक मंच पर इकठ्ठा किया था. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी  इस कार्यक्म में शामिल हुए और उन्होंने पहली बार खुले तौर पर कहा कि देश को बचाने के लिए विपक्षी पार्टियों को अब एकजुट होना होगा.

नीतीश कुमार के महागठबंधन तोड़ने के बाद भाजपा के सहयोग से सरकार बनाने और एनडीए में शामिल होने के फैसले से नाराज होकर शरद यादव ने बगावत कर दी है. जदयू ने धमकी दी है कि यदि वह लालू प्रसाद की रैली में शिरकत करेंगे तो उनको पार्टी से भी निकाला जा सकता है. जदयू पहले ही उनको राज्‍यसभा में पार्टी के नेता पद से हटा चुका है.

First published: 21 August 2017, 11:23 IST
 
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