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बुलंदशहर गैंगरेप: आज़म ख़ान की माफ़ी नामंजूर, 'अगर' शब्द पर एतराज

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:37 IST
(फाइल फोटो)

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आज़म ख़ान को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. दरअसल आज़म ने बुलंदशहर गैंगरेप मामले में विवादित बयान दिया था.

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को इस मामले में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने आज़म ख़ान के हलफनामे में कुछ गलतियों की बात कहते हुए इसे खारिज कर दिया. सर्वोच्च अदालत ने अब आजम से 15 दिसंबर तक नया हलफ़नामा दाखिल करने को कहा है. दरअसल हलफनामे में सशर्त माफी मांगी गई थी.  

'अगर कोई आहत हुआ हो'

अदालत ने आजम को नया शपथपत्र दाखिले करने को कहा है, जिसमें बिना शर्त माफी का जिक्र हो. आजम ने हलफनामे में कहा था, "अगर कोई मेरे बयान से आहत हुआ हो तो मैं माफी मांगता हूं."

बुधवार को सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि इसमें 'अगर' शब्द से ऐसा नहीं लग रहा है कि वह बिना शर्त माफी मांग रहे हैं. बताया जा रहा है कि आज़म नया हलफनामा दाखिल करने को तैयार हो गए हैं.

आजम ने क्या कहा था?

यूपी के नगर विकास मंत्री आजम खान ने कहा था कि बुलंदशहर गैंगरेप राजनीति से प्रेरित हो सकता है. पीड़ित परिवार ने इस मामले में आजम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी. आजम ने बुलंदशहर हाईवे पर हुए गैंगरेप के मामले में विवादित बयान दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आजम खान से चार सवालों के जवाब मांगे थे.

बुलंदशहर में हाईवे पर 29 जुलाई की रात मां-बेटी के साथ गैंगरेप की वारदात से यूपी में सियासत गरमा गई थी. आजम ने दो अगस्त को कहा, "हमें इस बात की जरूर जांच करनी चाहिए कि कहीं यह मामला किसी राजनैतिक साजिश से प्रेरित होकर सरकार को बदनाम करने के लिए तो नहीं है. चुनाव नजदीक हैं इसलिए सत्ता की लोभी कई पार्टियां किसी भी हद तक गिर सकती हैं."

First published: 7 December 2016, 2:27 IST
 
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