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अगस्‍ता डील में सीबीआई कर सकती है मनमोहन सिंह से पूछताछ

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 December 2016, 12:06 IST
(एजेंसी)

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) अगस्‍ता वेस्‍टलैंड डील के मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिं‍ह से पूछताछ कर सकती है. सिंह के अलावा जांच एजेंसी इस संबंध में पीएमओ में तत्कालीन समय में कार्यरत अधिकारियों से भी सवाल जवाब कर सकती है.

खबरों के मुताबिक सीबीआई पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ-साथ उनके प्रधान सचिव रहे टीकेए नैयर और पूर्व राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है.

सूत्रों की माने तो अगस्ता जांच की जद में सीबीआर्इ के पूर्व निदेशक रंजीत सिन्‍हा और पूर्व स्‍पेशल डायरेक्‍टर सलीम अली भी आ सकते हैं.

गौरतलब है कि अगस्‍ता वेस्‍टलैंड घोटाला साल 2013 में हुआ था. इस मामले में सीबीआई ने पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्‍यागी को गिरफ्तार किया है.

त्यागी पर डील में गलत प्रभाव डालने का आरोप है. अगस्‍ता वेस्‍टलैंड डील 3600 करोड़ रुपये की थी, लेकिन बाद में जब घोटाले की खबर आई तो यह डील रद्द कर दी गई.

इस संदर्भ में गिरफ्तारी के बाद त्‍यागी ने शनिवार को सीबीआई की कोर्ट में कहा था कि अगस्ता डील के लिए उनपर पीएमओ की ओर से दबाव था और खरीद के दौरान बदलावों की जानकारी तत्‍कालीन पीएमओ को थी.

हेलीकॉप्‍टर सौदे की प्रकिया सामूहिक निर्णय था. पीएमओ ने ऊंचाई में बदलाव करने को कहा था. सीबीआई अब अगस्‍त 2013 के दस्‍तावेजों के लिए केंद्र के पास जा सकती है. इसके जरिए वह सीनियर अधिकारियों के क्रियाकलाप की जानकारी मिल सके.

सूत्रों का कहना है कि सीबीआई के कई पूर्व अधिकारियों ने शायद जानकारी लीक कर दी हो. सीबीआई ने 9 दिसंबर को त्‍यागी, उनके चचेरे भाई संजीव त्‍यागी और वकील गौतम खेतान को गिरफ्तार किया था.

समाचार पत्र इंडियन एक्‍सप्रेस ने 13 फरवरी 2013 को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार इटली के जांचकर्ताओं ने सबसे पहले आरोप लगाया था कि त्‍यागी परिवार को अगस्‍ता वेस्‍टलैंड के पक्ष में डील कराने के लिए घूस दी गई थी.

इसके लिए टेंडर में अगस्‍ता की मदद करने वाले बदलाव किए गए. गौतम खेतान की पैसों के हेरफेर में मुख्‍य भूमिका सामने आई थी. उन पर आरोप है कि कई कंपनियों के जरिए उन्‍होंने पैसों को ट्रांसफर किया.

First published: 12 December 2016, 12:06 IST
 
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