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राष्ट्रपति पद के लिए केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत का नाम भी रेस में

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 May 2017, 10:22 IST
Thawar chand gehlot

वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी का कार्यकाल आगामी जुलाई में समाप्त हो रहा है. इसके साथ ही उनके संभावित उत्तराधिकारी की चर्चा राजनीतिक हलकों में तेज हो गई है.

इस मामले में प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस जहां मोदी सरकार को पटखनी देने में लगा हुआ है, वहीं मोदी सरकार भी अपने पसंदीदा प्रत्याशी की तलाश में लगी हुई है.

खबरों के मुताबिक राजनीतिक तौर पर यदि कुछ बड़ा उलटफेर नहीं हुआ, तो देश का अगला राष्ट्रपति मध्य प्रदेश से हो सकता है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अब तक की स्थिति में राष्ट्रपति पद के मध्य प्रदेश की दावेदारी सबसे तगड़ी मानी जा रही है.

इस लिहाज से जो नाम सबसे आगे है, उनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत का नाम सबसे आगे है. गहलोत अनुभवी होने के साथ-साथ संघ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी करीबी माने जाते हैं.

इसके अलावा भाजपा में गहलोत की छवि पार्टी के बड़े दलित चेहरे के तौर पर होती है. वहीं इस दावेदारी में मध्य प्रदेश से दूसरा नाम इंदौर की सांसद और लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का है. वह भी अनुभवी के साथ पार्टी और संघ के बेहद करीबी है.

राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर काम कर रहे एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) के रणनीतिकारों की मानें तो मध्य प्रदेश से जुड़े इन दोनों ही नेताओं की छवि फिलहाल निर्विवाद है.

ऐसे में मोदी सरकार इन दोनों नामों में से किसी एक पर अपनी मुहर लगा सकती है. हालांकि ऐसा माना जा रहा है कि संघ और भाजपा दोनों की फोकस पिछले कुछ समय से जिस तरह से दलित और पिछडे वर्ग को लेकर है, ऐसे में राष्ट्रपति पद के लिए भाजपा किसी दलित चेहरे को ही मौका देगी. इस लिहाज से थावरचंद गहलोत की दावेदारी सबसे तगड़ी मानी जा रही है.

सूत्रों की मानें तो अभी इस पर अंतिम निर्णय होने में वक्त लगेगा, फिर भी जिस तरह से जुलाई में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने है. ऐसे में जो भी प्रत्याशी होगा, उसका ऐलान 15 जून के बाद कभी भी किया जा सकता है.

गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दल भी रणनीति बनाने में जुटे है, लेकिन फिलहाल वहां भी अभी तक किसी नाम पर सहमति नहीं बन पायी है. वैसे भी मौजूदा समय में राष्ट्रपति चुनाव का जो गणित है वह पूरी तरह से भाजपा और एनडीए के पक्ष में दिखाई दे रहा है.

राष्ट्रपति चुनाव की इन चर्चाओं के बीच बतौर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत अपने तीन सालों के काम-काज का लेखा-जोखा लेकर मंगलवार को मीडिया के सामने आए, तो मीडिया ने उनसे राष्ट्रपति से जुडी चर्चाओं को लेकर भी सवाल कर लिया. जिसे उन्होंने मुस्काकर टाल दिया.

राष्ट्रपति के लिए थावरचंद और सुमित्रा महाजन के अलावा कई अन्य नाम भी चर्चा में है. इनमें भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण अडवाणी, ड़ा मुरली मनोहर जोशी, झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुरमू और शरद पवार आदि जैसे नाम चर्चा में है.

हालांकि लालकृष्ण अडवाणी और मुरली मनोहर जोशी पर बाबरी ढांचा को ढहाने का आरोप तय होने के बाद उनका नाम इस दौड़ से बाहर माना जा रहा है.

हालांकि संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की माने तो संघ की पहली और एक मात्र पसंद डॉ. मुरली मनोहर जोशी हैं. जिसका नाम संघ की ओर से भाजपा नेताओं को भेजा गया है.

First published: 31 May 2017, 10:22 IST
 
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