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चंद्रशेखर: बाग़ी बलिया का युवा तुर्क जिसने इंदिरा से कहा था कांग्रेस को तोड़ दूंगा

सुधाकर सिंह | Updated on: 17 April 2017, 20:14 IST
(फाइल फोटो)

देश के आठवें प्रधानमंत्री चंद्रशेखर का जन्म यूपी के बलिया जिले के इब्राहिमपट्टी गांव में हुआ था. 10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक उन्होंने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी. 17 अप्रैल 1927 उनकी जन्मतिथि बताई जाती है. हालांकि लोकसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर उनकी जन्मतिथि 1 जुलाई 1927 दर्ज है. तारीखों के फेर में पड़ने के बजाए बागी बलिया के समाजवादी युवा तुर्क चंद्रशेखर को याद करते हैं. बिना किसी लाग-लपेट वाले खरे नेता थे चंद्रशेखर. इसकी कई मिसालें याद आ रही हैं. 

इमरजेंसी में थाने से लौटकर दी गिरफ्तारी

इंदिरा गांधी ने जब 25 जून 1975 को आपातकाल लगाने की घोषणा की उसी रात चंद्रशेखर जयप्रकाश नारायण से मिलने संसद भवन थाने गए. जब वो उनसे मिलकर लौट रहे थे, तो किसी पुलिस अधिकारी ने कहा कि आपकी गिरफ्तारी हो सकती है. चंद्रशेखर जेपी की इजाजत के बाद पुलिस वालों के साथ अपने घर गए, ज़रूरी सामान लिया और जेल चले गए. चंद्रशेखर कांग्रेस के अकेले ऐसे नेता थे जो जयप्रकाश नारायण के समर्थन में थे. 

इंदिरा से कहा- कांग्रेस बूढ़े बरगद जैसी

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से कभी चंद्रशेखर ने कहा था कि कांग्रेस को समाजवादी नहीं बना पाया तो तोड़ दूंगा. आपातकाल के दौरान ऐसा ही हुआ, जब चंद्रशेखर ने कांग्रेस छोड़कर जनता पार्टी की अगुवाई की.

घटनाक्रम कुछ इस तरह था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूछा कि क्या तुम कांग्रेस को समाजवादी मानते हो? तो चंद्रशेखर ने कहा थोड़ा सा मानता हूं और थोड़ा मनवा लूंगा इसलिए आ गए हैं. इंदिरा जी ने कहा, "इसका क्या मतलब है." चंद्रशेखर ने जवाब दिया, "कांग्रेस एक बूढ़े बरगद की तरह हो गई है, अगर मैं इसे समाजवादी रुख़ की तरफ़ नहीं मोड़ पाया तो पार्टी को तोड़ दूंगा." यकीनन चंद्रशेखर अपने इस वादे पर कायम रहे.

फोटो डिवीजन

जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष

आपातकाल के बाद जनता लहर में कांग्रेस की करारी हार हुई. चुनाव में जीत के एक महीने बाद दिल्ली के प्रगति मैदान में 1 मई, 1977 को जनता पार्टी का विधिवत गठन हुआ. इस सम्मेलन की अध्यक्षता तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई ने की थी. सम्मेलन के बाद रामलीला मैदान में एक सभा हुई. इस सभा में एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत को मानते हुए मोरारजी देसाई ने कहा कि चंद्रशेखर जनता पार्टी के अध्यक्ष होंगे. इस तरह चंद्रशेखर जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष बने.

23 मार्च, 1977 को आपातकाल हटा. तो जितने भी बड़े नेता थे वे मोरारजी देसाई की सरकार में मंत्री बनना चाहते थे. 24 मार्च, 1977 को केंद्र में जनता पार्टी की सरकार बनी. 22 से 24 मार्च के बीच जनता पार्टी के तमाम नेता मंत्री बनने की कोशिश करते दिखे. चंद्रशेखर को भी मंत्री बनने का प्रस्ताव था, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया. 

कोयला माफिया से चर्चित दोस्ती

एक और दिलचस्प वाकया धनबाद के कोयला माफिया और झरिया के पूर्व विधायक सूर्यदेव सिंह का है. चंद्रशेखर से उनकी पुरानी मित्रता थी. नवंबर 1990 में प्रधानमंत्री बनने के बाद भी धनबाद के सिंह मेंशन में वो आते थे. एक बार तो चंद्रशेखर ने सूर्यदेव सिंह से जेल में मुलाकात कर डाली थी. जब मुलाकात पर सवाल उठे तो चंद्रशेखर ने कहा था कि किसी से मेरी दोस्ती रही है तो पद पर पहुंचने के बाद मैं उस दोस्ती को कैसे नकार सकता हूं.

नवंबर 1990 में राष्ट्रीय मोर्चा की अगुवाई मेें विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार गिरने के बाद उन्होंने कांग्रेस की मदद से प्रधानमंत्री बनते हुए चार महीने के लिए केंद्र सरकार चलाई थी. जब चंद्रशेखर चुनाव मैदान में उतरे तो चालीस साल बनाम चार महीने के उनके पोस्टर की ख़ूब चर्चा हुई थी. जब उनके कार्यकाल पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए गए तो संसद में उनका शायराना अंदाज़ कुछ इस तरह दिखा था.

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रेडिफ़ डॉट कॉम
First published: 17 April 2017, 14:17 IST
 
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