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चिदंबरम: छापे में लोगों के पास मिल रहे 2000 के नोट कैसे पहुंच रहे हैं?

कैच ब्यूरो | Updated on: 13 December 2016, 12:34 IST
(एएनआई)

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी सरकार को निशाने पर लिया.

चिदंबरम ने नोटबंदी को घोटाला बताते हुए इसकी जांच की मांग की. साथ ही चिदंबरम ने आयकर छापों में मिल रहे दो हजार रुपये के नोटों को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ये कैसे उन तक पहुंच रहे हैं?

इसके साथ ही चिदंबरम ने कहा कि लंबे समय के लिए इसका जीडीपी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. चिदंबरम ने कहा कि आरबीआई का आंकलन भी यही दर्शाता है. ज्यादातर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि एक से दो फीसदी जीडीपी नीचे गिरेगी.

चिदंबरम की 11 बड़ी बातें

1. अगर जनता विरोध प्रदर्शन नहीं कर रही है तो इसका मतलब यह नहीं है कि वे सरकार द्वारा उठाए गए कदम से संतुष्ट है.

2. ग्रामीण भारत में इस वजह से हो रहे कष्ट का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. यह प्राकृतिक आपदा से भी बुरा है. एक प्राकृतिक आपदा से भी इतनी परेशानी नहीं होती. 

3. भारतीय अर्थव्यवस्था में कई उपायों से भरोसे पर चोट पहुंची है, लेकिन नोटबंदी से हमारी इकोनॉमी में सबसे ज्यादा भरोसा टूटा है.

4. क्रेडिट ग्रोथ, ग्रीनफील्ड निवेश, पूरी डिमांड ये सभी नोटबंदी की वजह से रिकॉर्ड स्तर पर गिरे हैं.

5. सरकार को कम से कम यशवंत सिन्हा से सलाह लेनी चाहिए. वह उनके अपने आदमी हैं. वे मनमोहन सिंह से भी सलाह ले सकते थे.

6. बजट बनाने में 100 से ज्यादा अफसर शामिल होते हैं, आज तक ये कभी लीक नहीं हुआ. नोटबंदी में किस तरह की गोपनीयता रखी गई? किसी से कोई सलाह नहीं ली गई.

7. क्या आप कहना चाहते हैं कि अगर पूर्व प्रधानमंत्री से वर्तमान पीएम ने सलाह ली होती, तो गोपनीयता भंग हो जाती?

8. यह सोचना कि कुछ महीनों में भारत तीन फीसदी कैशलेस से 100 फीसदी कैशलेस हो जाएगा, एक विचित्र अपेक्षा है.

9. महंगाई कम हुई है, क्योंकि मांग घटी है. लेकिन यह भी तो सोचिए कि अगर कोई डिमांड नहीं होगी, तो प्रोडक्शन भी नहीं होगा.

10. मेरे ऊपर प्रभाव पड़ा है. मैं अपना 24 हजार रुपये नहीं निकाल सकता हूं इसलिए मैं शिकायत कर रहा हूं.

11. आप भारत की इकोनॉमी को महत्वहीन बनाते हुए चोट पहुंचा रहे हैं. मुझे अफसोस है कि प्रधानमंत्री इकोनॉमी के विकास की ओर बढ़ाने की बजाए महत्वहीन बना रहे हैं.

First published: 13 December 2016, 12:34 IST
 
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