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CJI के खिलाफ महाभियोग लाना क्या कांग्रेस की सबसे बड़ी भूल है ?

सुनील रावत | Updated on: 22 April 2018, 17:53 IST
सीजेआई मिश्रा के खिलाफ महाभियोग को लेकर सात विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की (PTI )

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) दीपक मिश्रा के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाने को कई कानूनी दिग्गजों ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताने वालों में पूर्व मुख्य न्यायाधीश टीएस ठाकुर और दिल्ली उच्च कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरएस सोढ़ी भी शामिल हैं.

वरिष्ठ न्यायवादी फली नरीमन का कहना है कि यह कदम न्यायपालिका में जनता के विश्वास को कम कर देगा और सत्तारूढ़ दल के लिए एक न्यायाधीश के खिलाफ कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त करेगा, यदि उसे कोई विशेष निर्णय को पसंद नहीं है. उन्होंने इसे  इतिहास में "बेहद काला दिन" भी बताया. नरीमन ने एक अख़बार से बातचीत में कहा यह एक काला दिन है और कहा कि 67 सालों के दौर में मैंने ऐसा दिन इससे पहले नहीं देखा.

पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी मानहानि के नोटिस पर हस्ताक्षर नहीं किये. सीजेआई मिश्रा के खिलाफ महाभियोग को लेकर सात विपक्षी दलों के नेताओं ने शुक्रवार को उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू से मुलाकात की और संसद के 64 सदस्यों (सांसदों) और हाल ही में सेवानिवृत्त सात पूर्व सांसदों के हस्ताक्षर किए गए नोटिस को सौंपा.

यह कदम उसके एक दिन बाद आया जब सीजेआई की अध्यक्षता में सर्वोच्च न्यायालय बेंच ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश बी एच लोया की मौत की स्वतंत्र जांच की मांग की सभी याचिका खारिज कर दी, जो सोहराबुद्दीन शेख फर्जी मुठभेड़ मामले की पर सुनवाई कर रहे थे. इस केस में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह शामिल थे. 

First published: 22 April 2018, 17:53 IST
 
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