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MP में कांग्रेस और बसपा पहले ऐतिहासिक चुनावी गठबंधन के करीब

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2018, 14:30 IST

ऐसा पहली बार होगा जब कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी के बीच मध्यप्रदेश में चुनावी गठबंधन हो सकता है.  न्यूज़ वेबसाइट वायर की एक रिपोर्ट की मानें तो आने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और मायावती की बसपा मिलकर चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं. 

इस गठबंधन को लेकर दोनों पार्टियां समझौते के करीब पहुंच गई हैं. यही नहीं आने वाले राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावों में भी दोनों पार्टियां एक साथ दिख सकती हैं. दोनों पार्टियों के इस आगामी गठबंधन के संकेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ ने दिए हैं.

पिछले 20 सालों से मायावती की पार्टी को मध्यप्रदेश में स्थिर रूप से 7 फीसदी वोट शेयर मिलता रहा है. यदि पिछले चुनावों में कांग्रेस के वोट शेयर की बात की जाये तो यह 37 फीसदी था. अगर यह गठबंधन होता है तो यह मध्य प्रदेश में बीजेपी को यह बड़ा झटका दे सकता है.

मध्यप्रदेश में बीजेपी सत्ता विरोधी लहर का सामना कर यही है. पिछले चुनावों में यहां बीजेपी का 45 फीसदी वोट शेयर रहा था. हाल ही में लोकनीति-सीएसडीएस के सर्वे से पता चलता है कि एमपी में सत्ता विरोधी लहर राजस्थान की तुलना में काफी मजबूत है. यह भी माना जा रहा है कि कांग्रेस और बसपा का यह गठबंधन साल 2019 के चुनावों में विपक्षी एकता के लिए फायदेमंद हो सकता है.

कमलनाथ का कहना है कि मायावती से बातचीन में वह दो विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. एक पारंपरिक प्री-पोल गठबंधन और दूसरा हर निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी को हारने की क्षमता वाले उम्मीदवारों को टिकट देना. कमलनाथ ने कहा कि वह मध्यप्रदेश में फर्जी वोटर को लेकर चुनाव आयोग से शिकायत करने जा रहे हैं. इसका खुलासा एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि मध्य प्रदेश में 60 लाख फर्जी वोटर आईडी जब्त किये गए हैं. 

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कमल नाथ को मायावती के साथ बातचीत करने के लिए पूरी छूट दी है. राहुल विपक्षी एकता के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना चाहते हैं जैसा कि उन्होंने पहले गुजरात में किया था. जहां उन्होंने बीजेपी के खिलाफ जिग्नेश मेवानी और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को साथ लेकर किया था.

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First published: 2 June 2018, 14:25 IST
 
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