Home » राजनीति » Congress Claim Priyanka Gandhi Vadra phone Hacked Israeli spyware Pegasus
 

व्हाट्सएप जासूसी कांड: कांग्रेस का दावा, प्रियंका गांधी का फोन भी हुआ था हैक

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 November 2019, 18:59 IST

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने रविवार को दावा किया कि पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को व्हाट्सएप द्वारा अधिसूचित किए गया है कि उनका फोन को इज़राइली स्पाइवेयर 'पेगासस' के द्वारा हैक किया गया था. रविवार को पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,'जब व्हाट्सएप ने उन सभी को मैसेज भेजे जिनके फोन हैक हो गए थे, उस समय ऐसा ही एक मैसेज कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के फोन पर भी आया था.'

रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर 2019 के आम चुनावों में कई लोगों की जासूसी करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने ट्विट किया. साथ ही उन्होंने क्रेंद की मोदी सरकार के पांच सवाल भी पूछें. कांग्रेस प्रवक्ता ने सवाल पूछा कि क्या सरकार 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान नागरिकों और राजनेताओं की जासूसी करा रही थी? क्या सरकार को मई 2019 से अवैध स्पाईवेयर की जानकारी थी? क्या जो लोग सत्ता में बैठे हैं वे इस अपराध के दोषी नहीं? जब सरकार को इसके बारे में अप्रैल 2019 में जानकारी थी तो इसे सीक्रेट क्यों रखा गया? जिन मंत्रियों और अफसरों ने टेलीग्राफ एक्ट और आईटी एक्ट के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया, उनके खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा?'

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी आरोप लगाया कि इजरायली स्पाइवेयर 'पेगासस' केवल सरकार को बेचा गया था किसी और को नहीं. उन्होंने कहा,'एनएसओ समूह की वेबसाइट का एक खंड दर्शाता है कि 'पेगासस' स्पाइवेयर और सभी एनएसओ उत्पाद केवल सरकार को बेचे जाते हैं. वास्तव में, NSO ग्रुप ने, सिटीजन लैब को स्पष्ट रूप से बताते हुए लिखा है कि, हमारे उत्पाद को अपराध और आतंक को रोकने और रोकने के एकमात्र उद्देश्य के लिए सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को लाइसेंस दिया जाता है.' उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा,'यह स्पष्ट है कि भारत सरकार और उसकी एजेंसियां स्पाइवेयर लेकर आई हैं. यह न तो किसी निजी ऑपरेटर द्वारा खरीदा जा सकता है और न ही तैनात किया जा सकता है.'

बता दें, इससे पहले शनिवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया था कि उनका फोन भी टैप किया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कथित निगरानी की ऐसी घटनाओं पर ध्यान देने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा था,'यह एक बहुत ही गंभीर मामला है क्योंकि वे (हैकर्स) आपके मोबाइल फोन से सारी जानकारी ले सकते हैं. यह निजता पर हमला है. हम किसी से खुलकर बात नहीं कर पाएंगे.'

गौरतलब हो, गुरुवार को कुछ मीडिया में इस बात का दावा किया गया था कि व्हाट्सएप ने इस बात की पुष्टि की थी कि भारत में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और पत्रकारों के फोन को पेगासस का उपयोग करने वाले ऑपरेटरों द्वारा निगरानी के लिए लक्षित किया गया था, जो कि इजरायली फर्म एनएसओ ग्रुप द्वारा विकसित एक स्पाइवेयर है. वहीं कई रिपोर्ट में इस बात का भी दावा किया गया था कि मैसेजिंग प्लेटफ़ॉर्म ने सरकार को सितंबर में बताया था कि 121 भारतीयों को इजरायली सॉफ्टवेयर पिगेसस से निशाना बनाया गया. हालांकि सरकार ने इन सभी आरोपों का खंड़न किया है और कहा था कि मैसेजिंग ऐप से पहले जो जानकारी मिली थी, वह अधूरी और अपर्याप्त है.

 

First published: 3 November 2019, 18:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी