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कांग्रेस ने मुझे निष्कासित कर दिया, भाजपा में नहीं जा रहा: वाघेला

कैच ब्यूरो | Updated on: 22 July 2017, 10:16 IST
पीटीआई

गुजरात में कांग्रेस के नेता शंकर सिंह वाघेेला ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया है. हालांकि उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि वह भाजपा में नहीं शामिल होने जा रहे हैं. 

अपने 77वें जन्मदिन पर जमा हुए लोगों को संबोधित करते हुए वाघेला ने कहा कि वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा दे देंगे और आठ अगस्त के राज्यसभा चुनाव के बाद विधायक के तौर पर भी इस्तीफा दे देंगे.

उन्होंने कहा कि वह 'पार्टी के भीतर साजिश' के शिकार हुए, जिसकी वजह से उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया गया. उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके शुक्रवार के कार्यक्रम का इंतजार भी नहीं किया कि वह उसमें क्या कहने वाले हैं. इससे पहले ही उन्हें बाहर निकालने का फैसला कर लिया गया. 

गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव

इससे पहले ही माना जा रहा था कि वाघेला अपने जन्मदिन के मौके पर कोई बड़ा एलान कर सकते हैं. गुजरात में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. उससे ठीक पहले वाघेला का कांग्रेस छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. 

वाघेला ने मीडिया से बातचीत में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अपने निष्कासन को 'विनाशकाले विपरीत बुद्धि' करार दिया. समर्थकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, "अंतिम हाई कमान जनता है."

उन्होंने कहा, "बर्खास्त होना मेरी किस्मत थी. लेकिन मैं रिटायर नहीं हो रहा हूं. अन्याय के खिलाफ लड़ना मेरा स्वभाव है, भले ही मैं इस क्रम में सब कुछ गंवा बैठूं." उन्होंने कहा, "मैं पार्टी के भीतर साजिश का शिकार बना हूं, चाहे यह भाजपा हो या कांग्रेस." 

उन्होंने कहा, "बर्खास्त करने से आपके अहं को संतुष्टि मिल सकती है, लेकिन यह इससे ज्यादा कुछ नहीं है. एक जन-नेता की तरह व्यवहार करें, किसी राजनेता की तरह नहीं." 

'ख़ुद को कांग्रेस से मुक्त कर रहा हूं'

उन्होंने कहा, "मुझे साजिश के तहत निकाला गया. मैंने राहुल गांधी से इस बारे में बात की थी. मैं सोनिया गांधी से भी मिला था और कहा था कि 'आपका भरोसा नहीं तोड़ूंगा.' मैंने उन्हें हर चीज के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि मैं कुछ समय बाद पार्टी में नहीं रहूंगा, लेकिन चिंता मत कीजिए मैं कहीं नहीं जा रहा हूं. मैं भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं."

उन्होंने अपने समर्थकों से कहा, "मैं आज विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने जा रहा हूं. मैं स्वतंत्र पक्षी हूं, मैं खुद को कांग्रेस से मुक्त करता हूं." गुजरात कांग्रेस ने गुरुवार को वाघेला को अपने जन्मदिन के बहाने समर्थकों और विधायकों के साथ किसी तरह की 'राजनीति नहीं करने' की चेतावनी दी थी. उनसे यह भी कहा गया कि पार्टी उनकी सार्वजनिक बयानबाजी को आगे बर्दाश्त नहीं करेगी. 

मोदी और वाघेला की करीबी!  

वाघेला ने 1990 के दशक के अंत में भाजपा से अलग होकर एक नई पार्टी बनाई थी और बाद में इसका कांग्रेस के साथ विलय कर लिया. वह दिसंबर में होने वाले गुजरात विधानसभा के चुनाव की पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस हाईकमान से मांगते आ रहे थे. कांग्रेस के रुख से नाराज़ वाघेला ने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी को ट्विटर पर अनफॉलो भी कर दिया था. 

गुजरात में वाघेला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच काफ़ी करीबी रह चुकी है. यहां तक कि वाघेला के कांग्रेस में जाने के बावजूद जब मोदी ने 2014 में पीएम बनने से पहले गुजरात विधानसभा को आख़िरी बार संबोधित किया, उस दौरान वाघेला ने सदन के अंदर उनकी तारीफ़ की थी. वाघेला और मोदी इस दौरान गले भी मिले थे.

First published: 21 July 2017, 20:28 IST
 
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