Home » राजनीति » congress leader sandeep dikshit controversial remark for indian army chief.
 

भाजपा: आर्मी चीफ को 'सड़क का गुंडा' कहने पर सोनिया मांगें माफ़ी

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2017, 13:48 IST

दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित के बेटे और कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भले ही भारत के आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत को 'सड़क का गुंडा’ कहने वाले अपने बयान पर माफी मांग ली है, लेकिन भाजपा ने संदीप के बयान पर कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी से खुद सामने आकर माफी मांगने की मांग की है.

दरअसल रविवार को कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने सेना प्रमुख पर टिप्पणी करते हुए कहा, "'पाकिस्तान उल-जलूल हरकतें और बयानबाजी करता है. ख़राब तब लगता है कि जब हमारे थल सेनाध्यक्ष सड़क के गुंडे की तरह बयान देते हैं. पाकिस्तान ऐसा करता है तो इसमें कोई हैरान की बात नहीं है." उन्होंने यह बात पाकिस्तानी आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा की सीमा पर बयानबाजी के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में कही.

संदीप दीक्षित के इस बयान को लेकर सियासी विवाद पैदा हो गया है. संदीप के बयान पर भाजपा ने आक्रामक रुख अपना लिया है. सोमवार को केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन ने इस बयान को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उनकी लीडरशिप में कांग्रेस भारतीय सेना का अपमान कर रही है.

सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए सीतारमन ने कहा कि इस मामले में उन्हें खुद सामने आकर सफाई देनी चाहिए और अपनी पार्टी के नेता की इस आपत्तिजनक टिप्पणी पर माफी मांगनी चाहिए. केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा कि सेना के खिलाफ बयान देकर कांग्रेस हमारी सेना को कमजोर कर रही है. मुझे आश्चर्य है कि कांग्रेस ऐसा रणनीति के तौर पर कर रही है.

हालांकि रविवार को सेना प्रमुख पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के कुछ  ही देर में संदीप दीक्षित ने अपने बयान को लेकर माफ़ी मांग ली. उन्होंने कहा, ''मुझे सेना प्रमुख के कमेंट पर आपत्ति है, लेकिन मुझे शायद शब्दों का बेहतर चयन करना चाहिेए था. मैं माफ़ी मांगता हूं.''

हाल के दिनों में भारतीय आर्मी प्रमुख पाकिस्तान के लेकर काफ़ी आक्रामक रहे हैं. शुक्रवार को रावत ने कहा था कि भारतीय सेना ढाई मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार है.  

इससे पहले बिपिन रावत ने कश्मीर में भारतीय सेना द्वारा एक नागरिक को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का बचाव किया था. मोदी सरकार ने रावत को उनके दो सीनियर अधिकारियों की उपेक्षा करते हुए थल सेनाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया था.

First published: 12 June 2017, 13:48 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी