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दार्जिलिंग हिंसा: 2 की मौत, IRB अफ़सर को मारी खुखरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 June 2017, 17:21 IST
दार्जिलिंग क्रॉनिकल

गोरखालैंड को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अनिश्चितकालीन बंद के तीसरे दिन दार्जिलिंग में स्थिति विस्फोटक हो गई. राज्य पुलिस की कार्रवाई से नाराज़ जीजेएम के समर्थक शनिवार को एक बार फिर हिंसक हो गए.

जीजेएम के नेता बिनय तमांग का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों से झड़प में उनके दो लोग मारे गए हैं, वहीं पांच गंभीर रूप से जख्मी हैं. इस बीच पश्चिम बंगाल के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अनुज शर्मा का कहना है कि पुलिस ने फायरिंग नहीं की है. 

IRB अफसर पर खुखरी से हमला

दार्जिलिंग के घूम भंज्यंग में 12 राउंड फायरिंग की खबर है. पुलिस का कहना है कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा कार्यकर्ताओं के हमले में कई पुलिस कर्मी जख्मी हुए हैं. पुलिस ने चेतावनी दी है कि अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. 

हिंसक संघर्ष के दौरान इंडियन रिजर्व बटालियन (आईआरबी) के असिस्टेंट कमांडेंट जख्मी हो गए हैं. उनकी पहचान किरण तमांग के रूप में हुई है, जो आईआरबी की दूसरी बटालियन में तैनात हैं. बताया जा रहा है कि उनको झड़प के दौरान खुखरी मारी गई है. 

ममता का जीजेएम पर हमला

तेज़ी से बिगड़ रहे हालात को काबू करने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के आला अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है. बैठक के बाद ममता ने कहा, "प्रदर्शनकारी कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं. कोर्ट ने साफ कहा था कि बंद गैरकानूनी है. मुझे नहीं पता कि उन्हें कहां से समर्थन मिल रहा है."

ममता बनर्जी ने गोरखा जनमुक्ति मोर्चा पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, "पांच साल आपने सत्ता की मलाई काटी और अब जब चुनाव नजदीक आ रहे हैं, तो आपने हिंसा शुरू कर दी, क्योंकि आप अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं." 

अलग गोरखालैंड पर गदर

हिंसक हो चुके जीजेएम समर्थकों ने कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस बल से झड़प के दौरान जीजेएम समर्थकों ने बोतलें और पत्थर फेंके. जवाबी कार्रवाई में जवानों को लाठीचार्ज के साथ-साथ आंसू गैस के गोले भी दागने पड़े. 

इससे पहले गुरुवार सुबह अलग गोरखालैंड राज्य की मांग को लेकर लोगों ने दार्जिलिंग के चौक बाजार में बड़ी रैली निकाली. विरोध प्रदर्शन में बड़ी तादाद में महिलाएं शामिल हुईं. प्रदर्शनकारियों के हाथ में भारत का तिरंगा था. इस दौरान अलग राज्य की मांग को लेकर नारेबाजी की गई.

दार्जिलिंग क्रॉनिकल

दार्जिलिंग में अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर आंदोलन हिंसक मोड़ में पहुंच चुका है. जीजेएम के चीफ बिमल गुरुंग के घर और दफ्तर पर छापे के बाद उनके समर्थन भड़क उठे थे. थाने में आग लगाने के साथ ही मीडिया की कई गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया था. वहीं पहाड़ी इलाके में बांग्ला भाषा को अनिवार्य किए जाने का भी तीखा विरोध हो रहा है.

First published: 17 June 2017, 16:48 IST
 
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