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नाराजगी के बाद राजनाथ को PM मोदी ने फिर से कैबिनेट समितियों में शामिल किया ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 June 2019, 11:12 IST

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को कैबिनेट की कई अहम समितियों ने शामिल नहीं किये जाने के बाद सवाल उठाये जा रहे थे कि क्या नई मोदी सरकार में उनका कद कम कर दिया गया है. इन चर्चाओं के कुछ ही घंटों बाद गुरुवार रात राजनीतिक मामलों की कई कोर समितियों में उनका नाम जोड़ दिया गया. पहले राजनाथ सिंह को मोदी सरकार द्वारा पुनर्गठित आठ कैबिनेट समितियों में से केवल दो में शामिल किया गया था, जबकि गृह मंत्री शाह को सभी आठ समितियों में जगह मिली.

टेलीग्राफ ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि राजनाथ सिंह के नाम का यह संशोधन आसानी से नहीं हुआ. रिपोर्ट के अनुसार राजनाथ सिंह ने इस मामले में आरएसएस नेतृत्व से बात की. सूत्रों ने यह भी कहा कि राजनाथ ने इस्तीफे की पेशकश की लेकिन इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. रिपोर्ट के अनुसार एक नेता ने कहा, "मुझे पता चला है कि प्रधानमंत्री मोदी ने राजनाथ जी से बात की और उन्हें अपना इस्तीफा वापस लेने के लिए राजी किया. इसके बाद संशोधित सूची में उनको शामिल किया गया''.

रिपोर्ट के अनुसार राजनाथ सिंह के कई करीबी नेताओं ने यह भी कहा कि संशोधन के बावजूद भी सब कुछ ठीक नहीं था. जिन दो कैबिनेट कमेटियों में राजनाथ को शुरुआत में शामिल किया गया था, वह स्वयं सुरक्षा पर बनी समिति हैं, जहां से उन्हें रक्षा मंत्री होने के नाते बाहर नहीं रखा जा सकता था. हालांकि गृह मंत्री की सभी आठ समितियों में उपस्थिति सामान्य है. मोदी की पहली सरकार में गृह मंत्री के रूप में राजनाथ भी सभी कैबिनेट समितियों में थे.

राजनीतिक मामलों की समिति से राजनाथ को बाहर किये जाने ने एक धारणा बनाई कि शाह को नंबर दो दो के रूप में प्रोजेक्ट करने के प्रयास किए जा रहे है. राजनीतिक मामलों की समिति के लिए सरकार में नंबर दो को बाहर करना असामान्य है. माना जाता है कि राजनाथ को तकनीकी नंबर दो का दर्जा मिला हुआ था क्योंकि उन्होंने मोदी के ठीक बाद मंत्री पद की शपथ ली थी. दरअसल राजनाथ सिंह को बाहर किये जाने का मामला इसलिए भी तूल पकड़ गया क्योंकि निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल जैसे जूनियर्स को इस समितियों में शामिल किया गया था.

सरकार यह तर्क नहीं दे सकती थी कि राजनाथ को इसलिए बाहर कर दिया गया है क्योंकि रक्षा मंत्री पिछली सरकार में राजनीतिक मामलों की समिति का हिस्सा नहीं थे. सितंबर 2017 के फेरबदल में रक्षा मंत्री नियुक्त किए जाने के बाद सीतारमण को समिति में शामिल किया गया था. मोदी शाह और अब राजनाथ के अलावा, राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों में नितिन गडकरी, सीतारमण, गोयल, रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान (LJP), अरविंद सावंत (शिवसेना) और हरसिमरत कौर बादल शामिल हैं.

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First published: 7 June 2019, 10:44 IST
 
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