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केजरीवाल को EC का बड़ा झटका, ख़तरे में पड़ सकती है दिल्ली सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 June 2017, 13:39 IST

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को चुनाव आयोग ने बड़ा झटका दिया है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के 21 विधायकों के संसदीय सचिव के मामले से जुड़ा केस खत्म करने की याचिका को चुनाव आयोग ने खारिज कर दिया है. चुनाव आयोग ने कहा कि इन विधायकों पर इस मामले में केस चलता रहेगा.

आप विधायकों ने चुनाव आयोग में याचिका दी थी कि जब दिल्ली हाई कोर्ट में संसदीय सचिव की नियुक्ति ही रद्द हो गई है, तो ऐसे में ये केस चुनाव आयोग में चलने का कोई मतलब नहीं बनता. 8 सितंबर 2016 को दिल्ली हाइकोर्ट ने 21 संसदीय सचिवों की नियुक्ति रद्द कर दी थी. चुनाव आयोग ने एक महीने पहले ही सुनवाई पूरी कर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

क्या है पूरा मामला

ये मामला 13 मार्च, 2015 का है, जब केजरीवाल सरकार ने अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाया था. 19 जून 2015 को प्रशांत पटेल नाम के एक वकील ने राष्ट्रपति के पास आप के संसदीय सचिवों की सदस्यता रद्द करने के लिए आवेदन दिया था. शिकायत में कहा गया था कि यह लाभ का पद है, इसलिए आप विधायकों की सदस्यता रद्द की जानी चाहिए.

मई 2015 में चुनाव आयोग के पास एक जनहित याचिका भी डाली गई थी. जनहित याचिका को आधार बनाकर चुनाव आयोग ने 21 विधायकों को मार्च 2016 में नोटिस देकर एक-एक करके बुलाने का फैसला लिया था. केजरीवाल सरकार ने पिछली तारीख से कानून बनाकर संसदीय सचिव पद को लाभ के पद के दायरे से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन राष्ट्रपति ने बिल लौटा दिया.

First published: 24 June 2017, 13:39 IST
 
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