Home » राजनीति » Environment Minister Anil Madhav Dave dead
 

केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे का निधन, पीएम मोदी ने कहा- निजी नुकसान

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2017, 12:11 IST
अनिल माधव दवे/ फाइल फोटो

केंद्रीय मंत्री अनिल माधव दवे का दिल्ली में 61 साल की उम्र में निधन हो गया. वह काफी समय से बीमार चल रहे थे. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में उनका सांस की तकलीफ का इलाज चल रहा था. बताया जा रहा है कि दवे फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थे.

अनिल माधव दवे 5 जुलाई 2016 को मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार में केंद्रीय मंत्री बने थे. मूल रूप से गुजराती दवे, मध्य प्रदेश भाजपा का बड़ा चेहरा थे. 60 साल के दवे का जन्म छह जुलाई 1956 को उज्जैन के बड़नगर में हुआ था. 

नर्मदा बचाओ अभियान से जुड़ाव

दवे अपने छात्र जीवन की शुरुआत से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे थे. दवे जलवायु परिवर्तन पर एक किताब लिख चुके हैं और पर्यावरण के मुद्दों पर लगातार आवाज उठाते रहे हैं. लेकिन वास्तव में जिस कारण से उनको जाना जाता है, वह है नर्मदा पर उनका काम. 

पढ़ें: अनिल माधव दवे: 'नर्मदा का नाविक' जो हर छोटी नदी को ज़िंदा रखना चाहता था

उन्होंने नर्मदा नदी बचाओ अभियान में काफी काम किया. वे सेना के विमान से नर्मदा का चक्कर लगा चुके थे और 1,312 किलोमीटर लंबी इस नदी में राफ्टिंग भी कर चुके थे. वह राज्यसभा में साल 2009 से मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. यह उनका दूसरा राज्यसभा कार्यकाल था. 

'शाम को दवे जी के साथ था'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दवे के निधन पर गहरा शोक जताया है. प्रधानमंत्री ने अपने ट्वीट में लिखा, "मैं कल शाम को अनिल दवे जी के साथ था, उनके साथ नीतिगत मुद्दों पर चर्चा कर रहा था. उनका निधन मेरा निजी नुकसान है. उन्हें लोग जुझारू लोक सेवक के तौर पर याद रखेंगे." 

मोदी ने अगले ट्वीट में कहा, "मेरे मित्र और सम्माननीय सहयोगी पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे जी के निधन से मुझे गहरा झटका लगा है. मेैं शोक संवेदना प्रकट करता हूं."

First published: 18 May 2017, 10:35 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी