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अपनी ही पार्टी के MLA की हत्या में पूर्व राजद MP प्रभुनाथ सिंह दोषी करार

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 May 2017, 14:08 IST
लालू यादव के साथ राजद नेता प्रभुनाथ सिंह/ पीटीआई फ़ाइल फोटो

राष्ट्रीय जनता दल के नेता प्रभुनाथ सिंह को 21 साल पुराने विधायक हत्याकांड में दोषी करार दिया गया है. बिहार के महाराजगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को झारखंड की कोर्ट ने राजद विधायक अशोक सिंह की हत्या के मामले में मुजरिम करार दिया है.

हजारीबाग कोर्ट ने इस मामले में प्रभुनाथ सिंह पर लगे आरोप सही पाए हैं. दोषी करार दिए जाने के बाद प्रभुनाथ सिंह को हिरासत में ले लिया गया. अब 23 मई को अदालत इस मामले में सजा का एलान करेगी. 

फ़ाइल फोटो

1995 में विधायक अशोक सिंह की हत्या

3 जुलाई 1995 को राजद विधायक अशोक सिंह की पटना स्थित सरकारी आवास 5 स्टैण्ड रोड पर बम मारकर हत्या कर दी गई थी. उस वक्त वे मशरख विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे. इस हत्याकांड में प्रभुनाथ सिंह को मुख्य अभियुक्त बनाया गया.

अशोक सिंह ने विधानसभा चुनाव में प्रभुनाथ सिंह को मात दी थी. इस मामले में प्रभुनाथ सिंह को छपरा जेल भेजा गया था. कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर उन्हें हजारीबाग जेल शिफ्ट किया गया था. उस वक्त झारखंड नहीं बना था.

प्रभुनाथ सिंह की अपील पर हजारीबाग अदालत में अशोक सिंह हत्याकांड का मुकदमा चला. अशोक सिंह की पत्नी चांदनी देवी ने हत्या का केस दर्ज कराया था. प्रभुनाथ सिंह के अलावा उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को भी इस मामले में अभियुक्त बनाया गया था.

 

कौन हैं प्रभुनाथ सिंह?

राजपूत समुदाय से आने वाले प्रभुनाथ सिंह की छवि बाहुबली नेता की रही है. राजद में आने से पहले वह जेडीयू के टिकट से महाराजगंज के सांसद रह चुके हैं. दबंग छवि की वजह से अक्सर वे विवादों में रहते हैं.

कई बार अफसरों को धमकाने का भी उन पर आरोप लग चुका है. अप्रैल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बतौर आरजेडी प्रत्याशी प्रभुनाथ सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ था. इस दौरान प्रभुनाथ पर छपरा के डीएम कुंदन सिंह को धमकाने का आरोप लगा था.

First published: 18 May 2017, 14:07 IST
 
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