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संगीत-सिनेमा से सियासत तक मनोज तिवारी का सफ़रनामा

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:18 IST
(फाइल फोटो)

उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी को दिल्ली प्रदेश भाजपा का नया अध्यक्ष बनाया गया है. सियासत में उन्होंने 2009 के लोकसभा चुनाव में एंट्री की थी, जब उन्होंने गोरखपुर लोकसभा सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में भाजपा के आदित्यनाथ के खिलाफ ताल ठोकी. 

हालांकि सियासत में उनकी मंजिल संगीत और सिनेमा का सफर तय करते हुए मुकम्मल हुई है. भोजपुरी गायक के रूप में मनोज तिवारी ने पटना से लेकर लखनऊ तक अपनी आवाज़ का लोगों को दीवाना बनाया. उनके कई गाने पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक भोजपुरी पट्टी में लोगों की जुबान पर आज भी जुगलबंदी करते नजर आते हैं.

10 साल भोजपुरी गायन फिर सिनेमा में दस्तक

45 साल के मनोज तिवारी का 1 फरवरी 1971 को बिहार के कैमूर जिले के अतरवलिया गांव में जन्म हुआ था. मनोज तिवारी के पिता का नाम चंद्रदेव तिवारी और मां का नाम ललिता देवी है. उनके परिवार में कुल छह भाई-बहन हैं.

भोजपुरी फिल्मों का सुपरहिट अभिनेता बनने से पहले मनोज तिवारी ने तकरीबन दस साल भोजपुरी गायक के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.

2003 में उन्होंने फिल्म 'ससुरा बड़ा पैसा वाला' में अभिनय किया, जो मनोरंजन और आर्थिक दृष्टि से काफी कामयाब साबित हुई. इसके बाद मनोज तिवारी ने दो और फिल्मों 'दारोगा बाबू आई लव यू' और 'बंधन टूटे ना' नाम की फिल्मों में अभिनय किया.

2012 में पत्नी से अलगाव

टेलीविज़न कार्यक्रम 'चक दे बच्चे' का वे बतौर होस्ट हिस्सा रहे. 2010 में मनोज तिवारी ने प्रतिभागी के तौर पर रियलिटी शो 'बिग बॉस' में हिस्सा लिया.

इसके साथ ही मनोज तिवारी और श्वेता तिवारी 'कब अइबू अंगनवा हमार' और 'ए भौजी के सिस्टर' जैसी हिट भोजपुुरी फिल्मों में भी काम कर चुके हैं. 2012 के मध्य में मनोज तिवारी का उनकी पत्नी रानी से अलगाव हो गया. 1999 में उनकी रानी से शादी हुई थी.

अन्ना-रामदेव के आंदोलन से भी जुड़े

15वीं लोकसभा के चुनाव में मनोज तिवारी ने गोरखपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी उम्मीदवार के रूप में हिस्सा लिया. हालांकि वे भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता योगी आदित्यनाथ से चुनाव हार गए.

अगस्त 2011 में अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी और बाबा रामदेव के काले धन के खिलाफ आंदोलन में भी मनोज तिवारी सक्रिय रहे. 2014 के आम चुनावों में मनोज तिवारी उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए.

क्रिकेट के शौकीन

मनोज तिवारी क्रिकेट के भी शौकीन हैं. छात्र जीवन के दौरान वे बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय की टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. तिवारी ने इंडियन प्रीमियर लीग में अपनी टोली बनाने की भी कोशिश की. वे बिहार क्रिकेट की कीर्ति आजाद एसोसिएशन से भी सम्बद्ध रहे हैं.

मनोज तिवारी ने एलान किया था कि 2011 वर्ल्ड कप की विजेता टीम इंडिया को समर्पित एक मंदिर का भी निर्माण कराएंगे. अपने गृह नगर कैमूर में एक विश्व स्तर के क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कराने की योजना भी वे बना रहे हैं.

फिल्में

ससुरा बड़ा पैसा वाला

दारोगा बाबू आई लव यू

बंधन टूटे ना

कब अइबू अंगनवा हमार

ऐ भऊजी के सिस्टर

औरत खिलौना नहीं

टेलीविजन सीरियल

बिग बॉस सीजन-4, सन 2010 में (प्रतिभागी)

सुर संगम सीजन-1 और सीजन-2 (होस्ट)

नहले पे दहला(होस्ट)

भारत की शान -संगीत प्रतियोगिता(होस्ट)

चक दे बच्चे(होस्ट)

वेलकम-बाज़ी मेहमान नवाजी की, सन 2013 में  (प्रतिभागी)

'जिया हो बिहार के लाला'

मनोज तिवारी ने अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित चर्चित फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' के लिए एक लोकप्रिय गीत 'जिय हो बिहार के लाला' को भी गाया.

2009 चुनाव में हार के बाद मनोज तिवारी का बीजेपी की तरफ झुकाव बढ़ा. आखिरकार 16वीं लोकसभा के चुनाव से पहले मनोज तिवारी बीजेपी में शामिल हो गए. अभी वे उतर-पूर्वी दिल्ली से संसद सदस्य हैं.

First published: 30 November 2016, 12:33 IST
 
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