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गोवा चुनाव 2017: त्रिकोणीय मुकाबले में उलझा प्रदेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 February 2017, 14:17 IST

गोवा में विधानसभा की कुल 40 सीटों पर 4 फरवरी को एक ही चरण में चुनाव होना है. प्रदेश में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है. लेकिन आम आदमी पार्टी के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. इसके अलावा महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी, गोवा सुरक्षा मंच और शिवसेना का गठबंधन बीजेपी की मुश्किल बढ़ा सकता है.

प्रदेश में सरकार चला रही बीजेपी को आप की वजह से सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है. पहली बार गोवा विधानसभा चुनाव में उतरी आम आदमी पार्टी मजबूत दावेदार के तौर पर उभरी है.

प्रदेश में सीएम उम्मीदवार को लेकर विवाद लगातार सामने आ रहे हैं. इसी वजह से पार्टी ने रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को एक बार फिर गोवा वापस भेजने पर विचार कर रही है. वर्तमान में लक्ष्मीकांत पारसेकर गोवा के मुख्यमंत्री हैं.

इस बार तीन हिंदुत्व समर्थित संगठन एमजीपी, जीएसएम और शिवसेना भाजपा के वोटों में सेंध लगा सकते हैं. कई सीटों पर भाजपा को कड़ी चुनौती मिलने की संभावना है.

भाजपा गोवा प्रमुख विनय तेंदुलकर ने हाल में कहा था कि पार्टी को 26 से अधिक सीटें  जीतने का विश्वास है. लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अगर भाजपा अपने सहयोगी दल एमजीपी से अलग नहीं हुई होती, तो उसके लिए चुनाव जीतना आसान होता और इससे आरएसएस के बागी सुभाष वेलिंगकर के गोवा सुरक्षा मंच को उभरने का मौका नहीं मिलता.

गोवा चुनाव में इस बार सबसे बड़ा मुद्दा कैसीनो का है. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ने ही वादा किया है कि अगर उनकी सरकार बनती है तो कैसीनो को गोवा से बाहर किया जाएगा. इसके साथ-साथ कांग्रेस ने नोटबंदी को भी चुनावी मुद्दे तौर पर इस्तेमाल किया है. उनका सीधा आरोप है कि नोटबंदी से पर्यटन प्रभावित हुआ है. अवैध खनन भी चुनाव का एक बहुत बड़ा मुद्दा है.

दूसरी तरफ बीजेपी बीजेपी का पूरा फोकस विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने पर है. ये बात उनके चुनावी घोषणा पत्र में भी देखने को मिली है.  उन्होंने रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास जोर देने की बात कही है.

गोवा में साल  2012 में मनोहर पर्रिकर की अगुवाई में बीजेपी ने बहुमत की सरकार बनाई थी. लेकिन इस बार बीजेपी के लिए मुकाबला कठिन दिखाई दे रहा है. गोवा की 40 विधानसभा सीटों में से 21 सीटें बीजेपी के पास, 9 सीटें कांग्रेस और बाकी 10 सीटें क्षेत्रीय पार्टियों के पास हैं.

First published: 3 February 2017, 14:17 IST
 
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