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शंकर सिंह वाघेला ने राहुल गांधी को ट्विटर पर किया अनफॉलो

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 May 2017, 10:30 IST
मई 2014 में गुजरात विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मोदी को बधाई देते शंकर सिंह वाघेला.

गुजरात विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस हाईकमान द्वारा पार्टी में अपनी अहमियत कम करने का ट्विटर के जरिए विरोध किया है. उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य पार्टी नेताओं को ट्विटर अकाउंट से अनफॉलो कर दिया है.

वाघेला के इस कदम के साथ इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि वो दोबारा भाजपा में जा सकते हैं. पार्टी हाईकमान ने हाल ही में वाघेला के पर कतरते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी महासचिव बनाया है. 

गुजरात में इसी साल चुनाव

वाघेला के राहुल को अनफॉलो करने की जानकारी रविवार को प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित आईटी सेल कॉन्फ्रेंस में सामने आई. इस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया. 

गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं के अहम टकरा रहे हैं. पार्टी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर खींचतान चल रही है.

फाइल फोटो

वाघेला चाहते हैं सीएम उम्मीदवारी 

मार्च में वाघेला ने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन अप्रैल में कांग्रेस के 57 में 36 विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की. हालांकि दो दिन पहले ही वाघेला ने गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का एलान किया था. सोलंकी के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं.

इस बीच अशोक गहलोत ने मध्यस्थता कर पार्टी में सबको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके जाते ही फिर फूट सामने आ गई. दरअसल वाघेला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं, लेकिन प्रदेश और राष्ट्रीय नेता इससे सहमत नहीं हैं. 

मोदी-वाघेला में थी क़रीबी

इसके साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि वाघेला भाजपा नेताओं के भी संपर्क में हैं. ऐसी चर्चा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके वाघेला भाजपा का दामन थाम सकते हैं.

गुजरात में वाघेला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच काफ़ी करीबी रह चुकी है. यहां तक कि वाघेला के कांग्रेस में जाने के बावजूद जब मोदी ने 2014 में पीएम बनने से पहले गुजरात विधानसभा को आख़िरी बार संबोधित किया, उस दौरान वाघेला ने सदन के अंदर उनकी तारीफ़ की थी. वाघेला और मोदी इस दौरान गले भी मिले थे.

कैच

वाघेला ने अपने ट्विटर पेज पर नरेंद्र मोदी की तारीफ़ वाले ट्वीट को सबसे ऊपर रखा है. 19 अप्रैल के इस ट्वीट में वाघेला ने लिखा है, "मैं लाल बत्ती हटाने के लिए नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करता हूं. 1996-97 में बतौर मुख्यमंत्री अपने कार्यकाल के दौरान मैंने भी इस पर अमल किया था." 

First published: 15 May 2017, 10:25 IST
 
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