Home » राजनीति » Gujarat election 2017 result is relief for bjp for upcoming lok sabha election 2019
 

19 राज्यों में कमल खिलाकर भाजपा ने की 2019 चुनाव में मोदी रिटर्न्स की तैयारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 18 December 2017, 16:00 IST

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं. अगर कोई बड़ा फेरबदल नहीं हुआ तो कुछ ही समय में उम्मीद जताई जा रही है कि ये रुझान अांकड़ों में तब्दील हो जाएंगे. अभी तक आए रुझान और नतीजों से साफ है कि गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने भगवा लहरा दिया. इसी के साथ पूरे देश में 19 राज्यों में भाजपा की सरकार बन गई है. अब कांग्रेस सिर्फ पांच राज्यों में सिमट गई है.

गुजरात के विधानसभा चुनाव को साल 2019 के लोकसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा था. गुजरात में हार और जीत को साल 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के प्रदर्शन से जोड़ा जा रहा था. पीएम मोदी के गृहराज्य में ये उनके लिए बड़ा जनादेश माना जा रहा है. गुजरात की जनता ने अपने पूर्व सीएम पर पूरा भरोसा जताया है.

वहीं, हिमाचल प्रदेश में भाजपा दो तिहाई बहुमत के करीब है. ऐसे एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए 2019 लोकसभा चुनाव में पीएम बनने की राह आसान लग रही है. भाजपा 2014 का लोकसभा चुनाव गुजरात के विकास मॉडल और यूपीए के भ्रष्टाचार को चुनावी मुद्दा बनाकर ही जीती थी. पीएम मोदी ने देश भर में किए धुंधाधार प्रचार में इसका जिक्र किया था.

इस बार राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस विकास के मुद्दे को भुनाना चाह रही थी लेकिन दोनों राज्यों में हुए चुनाव में ऐसा होता दिखाई नहीं दिया. यहां तक कि कांग्रेस का कहना था कि गुजरात में विकास पगला गया है. लेकिन रुझान गवाह हैं कि भाजपा का विकास ना कमजोर पड़ा है, न कि पागल हुआ है.

गौरतलब है कि भारत में लोकसभा की 543 सीटों में से एनडीए गठबंधन को 2014 को 336 सीटें मिलीं थीं, जिसमें से 282 सीटें अकेले भाजपा ने जीतीं और प्रधानमंत्री गुजरात के तीन बार लगातार मुख्यमंत्री रहे नरेंद्र मोदी बने. 

अब लोकसभा चुनाव को डेढ़ साल से भी कम समय बचा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस और कमजोर विपक्ष उन्हें साल 2019 में पीएम बनने से रोक पाएगा. भाजपा ने मोदी-शाह की अगुवाई में 2014 के चुनाव के बाद ज्यादातर राज्यों में फतेह हासिल की है. इसमें पूर्वोत्तर में असम जैसा बड़ा राज्य भी शामिल है.

कांग्रेस को 2014 के लोकसभा के चुनाव के बाद हुए विधानसभा चुनावों मे सिर्फ पंजाब में ही सत्ता मिली है. दिल्ली में तो उसका खाता तक नहीं खुला. बिहार में ज़रूर महागठबंधन की जीत हुई थी. पर अब वहां नीतीश भाजपा के साथ खड़े हैं. ऐसे में अगर 2019 में भाजपा की वापसी की बात करी जाए तो बहुत ज्यादा मुश्किल नहीं लगती. 

First published: 18 December 2017, 15:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी