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गुजरात के कारोबारी मोहित शाह बोलेः मेरी नहीं नेताओं की थी हजारों करोड़ की अघोषित संपत्ति

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:38 IST

गुजरात के कारोबारी महेश शाह ने शनिवार को कहा कि वो जल्द ही बड़ा खुलासा करेंगे. दो माह पहले आयकर घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,680 करोड़ रुपये की अघोषित संपत्ति का खुलासा करने वाले महेश ने शनिवार को कहा कि कुछ कारोबारियों व राजनेताओं ने अपने पैसे की घोषणा करने के लिए उनका इस्तेमाल किया. वह जल्द ही सभी के नाम सबके सामने ले आएंगे.

हजारों करोड़ की संपत्ति की घोषणा करके सुर्खियों में छाए महेश बीते 29 नवंबर को फरार होने के लगभग एक सप्ताह बाद शाह अहमदाबाद में टेलीविजन चैनल ईटीवी के स्टूडियो में दिखाई दिए, जहां आयकर विभाग ने शाह को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया लेकिन रविवार को उन्हें छोड़ दिया गया. इनकम टैक्स अधिकारियों ने कहा कि उनको कल फिर बुलाया गया है. इससे पहले उन्होंने टेलीविजन चैनल से कहा कि आईडीएस के तहत मैंने 13,860 करोड़ की संपत्ति की जो घोषणा की थी, वह मेरे नहीं हैं.

शाह से जब अधिकारियों ने पूछा कि क्या आपने बड़ी गलती कर दी है इस पर उन्होंने कहा कि हां, गलती तो कर दी है लेकिन अब दूध का दूध और पानी का पानी कर दूंगा. उन्होंने कहा कि मैं भगोड़ा नहीं हूं. मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा था इसलिए यहां आना पड़ा.

टैक्स नहीं भरने के सवाल पर उन्होंने बताया कि मैं 29 नवंबर को 1560 करोड़ रु. की पहली किस्त भरने जा रहा था. पर आखिरी वक्त में मेरे लोग पीछे हट गए, तो मुझे भी हटना पड़ा. शाह के मुताबिक सब भरोसे वाले लोगों के पैंसे है और सब के सब हिंदुस्तानी हैं.

जिनके पैसे हैं उनके नाम नहीं बताने पर उन्होंने कहा कि इंतजार कीजिए, सब साफ हो जाएगा औऱ मीडिया को सारी जानकारी मिल जाएगी. कारोबारी ने कहा कि ऐसा करने के लिए किसी ने मुझे मजबूर नहीं किया था, बल्कि इस संपत्ति की घोषणा करने के लिए मुझे कमीशन देने का वादा किया गया था. जिन लोगों के पैसों की घोषणा आईडीएस के तहत की गई थी, वे अपनी बात से पीछे हट गए, जिस कारण मैं पहली किस्त अदा नहीं कर सका.

उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलती का अहसास हो चुका है और आयकर विभाग को सभी सूचनाएं मुहैया कराने के बाद जल्द ही वह सारा खुलासा कर देंगे. शाह ने कहा कि जिनके पैसों की घोषणा की गई है, वे कारोबारी और राजनीतिज्ञों के हैं.

शाह (67) तब सुर्खियों में आए, जब आम माफी योजना के तहत घोषित संपत्ति की पहली किस्त देने में नाकाम होने के बाद आयकर अधिकारियों ने उनके आवास तथा अहमदाबाद स्थित उनके कार्यालय पर छापेमारी की थी.

आयकर अधिकारियों के समक्ष घोषणा को सामने रखने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट तहमूल सेठना ने शुक्रवार को कहा कि अपने मुवक्किल से उनकी अंतिम बातचीत 29 नवंबर को हुई थी. आईडीएस के अंतिम दिन 30 सितंबर की रात शाह आयकर कार्यालय गए थे.

उन्होंने 14 अक्तूबर को आईडीएस के तहत सांविधिक फॉर्म नंबर-2 दिया था. आयकर विभाग ने बाद में फॉर्म नंबर-2 के प्रतिवेदन की पुष्टि की थी, जिसका मतलब होता है कि आयकर विभाग ने उनकी घोषणा को स्वीकार कर लिया है.

First published: 4 December 2016, 2:52 IST
 
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