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केंद्रीय मंत्री ने मांगी माफी, कहा- मुझसे गलती हो गई मुझे माल्या का नाम नहीं लेना चाहिए था

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 July 2018, 11:31 IST

आदिवासी लोगों को 'कड़ी मेहनत' नहीं बल्कि 'स्मार्ट श्रमिक' बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने शुक्रवार को आदिवासी समुदाय विजय माल्या जैसा बनने का उदाहरण दिया था . मीडिया में खबर आने के बाद अब केंद्रीय मंत्री ने इस पर माफ़ी मांगी  है. उरांव में कहा, ''मैंने गलती से विजय माल्या का नाम लिया. मुझे किसी और का नाम लेना चाहिए था. यह मेरी गलती थी.''

इससे पहले केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि ''आदिवासी लोगों को 'कड़ी मेहनत' नहीं बल्कि 'स्मार्ट श्रमिक' बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल उरांव ने शुक्रवार को आदिवासी समुदाय से उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के लिए आग्रह किया. केंद्रीय मंत्री ने शराब कारोबारी और भगोड़े विजय माल्या की तरह स्मार्ट होने की बात कही है.

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उरांव ने कहा ‘आप विजय माल्या को गाली देते हैं. लेकिन, कौन है विजय माल्या? वह एक स्मार्ट व्यक्ति है. उसने कुछ बुद्धिमान लोगों को काम पर रखा और फिर बैंकों, नेताओं, सरकार को अपने प्रभाव में लिया. ऐसा करने (स्मार्ट बनने से) से आपको कौन रोकता है? आदिवासियों से किसने कहा है कि सिस्टम को प्रभावित मत करो. बैंकरों को प्रभावित करने से किसने रोका है?’

उन्होंने कहा कि ''आदिवासी होने के फायदे और नुकसान भी हैं. जबकि शैक्षिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में जनजातियों के लिए आरक्षण है, वे इनका लाभ उठा सकते हैं और जीवन में बढ़ सकते हैं. नुकसान यह है कि उनकी योग्यता मान्यता प्राप्त नहीं है और यहां तक कि यदि वे जीवन में सफल होते हैं, तो उनकी सफलता अकेले आरक्षण के लिए जिम्मेदार ठहराती है, जिसके कारण उन्हें दूसरों के समान नहीं माना जाता है. चूंकि कई आदिवासी भेदभाव महसूस करते हैं, मंत्री ने कहा कि कई ने अपने उपनामों का उपयोग बंद कर दिया है.

First published: 14 July 2018, 11:25 IST
 
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