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मोदी सरकार के 3 साल: ‘पतंजलि’ का हुआ बंपर विकास

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 May 2017, 12:00 IST
Patanjali

मोदी सरकार के तीन साल के शासनकाल में योग गुरु बाबा रामदेव की संस्था पतंजलि का बंपर विकास हुआ है. पंतजलि ने भारतीय बाजार पर कैसे अपना सिक्का जमाया, इसको समझने के लिए के लिए हमें साल 2014 की ओर देखना पड़ेगा.

यब बात उस समय कि है जब देश में लोकसभा चुनाव होने वाले थे. वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा जीत के लिए जुगत लगा रही थी. ऐसे में बाबा ने अपने समर्थक मोदी के रथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए सड़कों पर उतार दिए थे. जैसे-जैसे मोदी और उनके सिपाहसलारों का जनाधार मजबूत हुआ. ठीक वैसे ही बाबा भी कंज्यूमर प्रोडक्ट्स में पैठ जमाते गए.

घर-घर में उनके पतंजलि प्रोडक्ट्स इस्तेमाल किए जाने लगे. भगवा चोला ओढ़े ही वह देश के सफल Entrepreneur की श्रेणी में शुमार हो गए. कहानी यहां से शुरू होती है. 23 मार्च 2014 की भरी दोपहर थी. लोकसभा चुनाव होने में दो हफ्ते बचे थे. मोदी एक जनसभा रैली में थे. उनके साथ यहां बाबा रामदेव भी मंच पर बैठे थे. वह मोदी के कान में कुछ फुसफुसाए. चंद मिनटों बाद उन्होंने जनता से मोदी के लिए वोट की अपील की.

इस रैली के दो महीने बाद नतीजे आए औऱ कांग्रेस का देश से सफाया हो चुका था. मोदी के नेतृत्व में भाजपा सत्ता में आई.

समाचार एजेंसी रायटर्स में प्रकाशित ‘एस मोदी एंड हिस राइट विंग बेस राइज़, सो टू डज़ ए सेलेब्रिटी योगा टायकून’ इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद बाबा रामदेव की कंपनी को भाजपा शासित राज्यों में भूमि अधिग्रहण में तकरीबन 46 मिलियन डॉलर (करीब 300 करोड़ रुपये) की छूट मिली थी.

दिल्ली में एक रैली के तीन हफ्ते बाद रामदेव के ही एक ट्रस्ट ने यूट्यूब पर वीडियो जारी किया था. उसमें भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेता हस्ताक्षर किए हुए शपथ पत्र के साथ पोज़ देते दिखे थे. उस पत्र में गाय की रक्षा और भारत में चीज़ें स्वदेशी बनाने पर जोर देने जैसी बातें शामिल थीं. इस पत्र पर विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और परिवहन मंत्री के हस्ताक्षर थे, जो वीडियो में भी है.

रामदेव उस वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि उन्होंने जो करोड़ों लोगों में बदलाव की उम्मीद जगाई है. लोग उन्हें पूरा होते देखना चाहते हैं. इसी कारण भाजपा नेताओं ने शपथपत्र पर दस्तखत किए. वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी उस पर हस्ताक्षर किए थे. आडवाणी के पीए दीपक चोपड़ा का कहना था कि वह पार्टी का कार्यक्रम था और भाजपा के सभी वरिष्ठ नेताओं ने उस पर दस्तखत किए थे.

First published: 26 May 2017, 12:00 IST
 
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