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जानिए रजनीकांत के सुपरस्टार बनने की इनसाइड स्टोरी

विकाश गौड़ | Updated on: 31 December 2017, 14:44 IST
(File Photo)

दक्षिण भारत फिल्मों में अपनी दमदार एक्टिंग से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुपरस्टार रजनीकांत कभी कुली और बस कंडक्टर का काम किया था. रजनीकांत ने अब एक और ऐलान किया है. कहा है कि वो एक नई पार्टी बनाएंगे और आने वाले तमिलनाडु के विधानसभा चुनाव में हर सीट पर अपनी पार्टी का उम्मीदवार उतारेंगे. इसी मौके पर रजनीकांत के सफर की बात करते हैं.

बता दें कि रजनीकांत बीते 12 दिसंबर को 67 साल के हो गए हैं. उनका जन्म साल 1950 में बेंगलुरु में हुआ था. बचपन में उनका नाम शिवाजी राव गायकवाड़ था. फिल्मों में एंट्री मिलने के बाद वो रजनीकांत नाम से लोकप्रिय हो गए. रजनीकांत के पिता रामोजी राव गायकवाड़ पेशे से हवलदार थे. छोटी उम्र में ही उनकी मां जीजीबाई का निधन हो गया था. रजनीकांत चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे.

रजनीकांत को दुनियादारी की थोड़ी बहुत समझ हुई तो उन्हें एहसास हुआ कि घर की माली हालत खराब है. लिहाजा घर को संभालने के लिए उन्हें कुछ काम करना होगा. घर के खर्चे के लिए थोड़े बहुत पैसे इकठ्ठा करने के लिए रजनीकांत को कुली का काम करना पड़ा.

कुली की कमाई से बात न पाई तो उन्होंने बंगलुरू परिवहन सेवा में बतौर बस कंडक्टर काम किया. इस बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और अंत तक हार नहीं मानी. फिल्मों में दिलचस्पी होने के कारण उन्होंने साल 1973 में मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट से एक्टिंग में डिप्लोमा किया.

एक्टिंग की पढ़ाई के दौरान रजनीकांत की मुलाकात एक नाटक के मंचन के दौरान फिल्म डायरेक्टर के. बालाचंदर से हई, इसके बाद उन्हें तमिल फिल्म में काम करने का ऑफर मिला. इस फिल्म के ऑफर को उन्होंने हां कह दिया. इस तरह रजनीकांत के करियर की शुरूआत साल 1975 में फिल्म 'अपूर्वा रागंगाल' के जरिए हुई. इस फिल्म के डायरेक्टर के. बालाचंदर ही थे.

इस फिल्म में रजनीकांत को लीड एक्टर को तो नहीं लेकिन खलनायक की भुमिका वाला एक छोटा रोल जरूर मिला. उनको इस किरदार के लिए काफी तारीफ भी मिली. बाद में इस फिल्म को नेशनल अवार्ड भी मिला. तमिल फिल्मों में खलनायक की एक छोटी सी भूमिका निभाने के बाद उन्हें और भी कई छोटे-मोटे रोल मिले. इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें तमिल फिल्मों में लोकप्रियता मिलने लगी. 

साल 1975 भारत के इतिहास का काला पन्ना भले ही रहा हो लेकिन रजनीकांत के फिल्मी करियर के लिए ये गोल्डन इरा था. दरअसल 1975 में 'छिलाकाम्मा चेप्पिनडी' नाम की मूवी में उन्हें पहली बार बतौर लीड एक्टर रोल मिला. इस रोल को पुरे मन से रजनीकांत ने परदे पर उतारा. इसके फिल्मे साथ ही तमिल सिनेमा को नया स्टार मिल गया.

बता दें कि रजनीकांत ने तमिल तेलुगु के अलावा बॉलीवुड की भी कई फिल्मों में काम किया है. इनमें 'मेरी अदालत', 'जान जॉनी जनार्दन', 'दोस्ती दुश्मनी', 'भगवान दादा',, 'असली नकली', 'इंसाफ कौन करेगा' और 'हम' जैसी कई हिट फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा है.  फिलहाल की बात करें तो उन्होंने भारत की सबसे महंगी फिल्म '2.0' में काम किया है, जिसकी शूटिंग खत्म हो गई है. इस फिल्म में अक्षय कुमार भी लीड रोल में हैं. 

अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने के साथ ही उन्होंने कहा, "अगर तीन साल में हमारी पार्टी (चुनाव जीतती है) तमिलनाडु को नई पहचान नहीं दिला पाई तो वह इस्तीफा दे देंगे." बता दें कि अभी पार्टी का नाम तय नहीं हुआ है.  

बहरहाल, इस बात की भी पुष्टि समय पर ही होगी कि रजनीकांत जितने अच्छे एक्टर हैं, क्या उतने अच्छे राजनेता बनकर उभरेंगे?

First published: 31 December 2017, 14:44 IST
 
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