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INX मीडिया केस : क्या चिदंबरम को गिरफ्तारी से बचा पाएंगे दिग्गज कांग्रेसी वकील

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 August 2019, 13:23 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को तुरंत राहत देने से इंकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि पी चिदंबरम की दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को CJI के सामने रखा जाएगा ताकि तत्काल सूची पर विचार किया जा सके. जस्टिस एन वी रमना ने कहा कि चिदंबरम की ओर से कहा गया है कि इस मामले को सीजेआई रंजन गोगोई के समक्ष रखा जाये. पीठ ने सिब्बल से कहा, "मैं इसे भारत के मुख्य न्यायाधीश को भेज रहा हूं. वह आदेश पारित करेंगे." अगर सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर नहीं की तो उनकी गिरफ्तारी तय है.

ईडी और सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला है. सिब्बल ने शीर्ष अदालत को बताया कि चिदंबरम की याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि INX मामले में अदालत द्वारा सीबीआई और ईडी को चिदंबरम को गिरफ्तारी से एक साल से अधिक समय तक सुरक्षा दी गई थी .

क्या है मामला 

सिब्बल ने अदालत को बताया कि बुधवार को 2 बजे जांच एजेंसियों ने चिदंबरम के घर पर एक नोटिस चिपकाया है कि उन्हें दो घंटे के भीतर उनके सामने पेश होना है. सीबीआई ने पी चिदंबरम, कार्ति चिदंबरम, आईएनएक्स मीडिया और वित्त मंत्रालय के अज्ञात अधिकारियों पर मामले में आरोपी बनाया है. INX मीडिया कभी इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के स्वामित्व में था, जो अब हत्या के मामले में जेल में हैं.

15 मई, 2017: सीबीआई ने इस मामले में एक FIR दर्ज कि थी, जिसमे आरोप लगाया गया था कि INX मीडिया के विदेशी निवेश  के मामले में विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) ने अनियमितता बरती . INX मीडिया के 2007 में 3.05 अरब रुपये के विदेशी धनराशि को बोर्ड ने मंजूरी दी थी. उस वक्त पी चिदम्बरम वित्त मंत्री थे.

16 जून, 2017: केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) और आप्रवासन ब्यूरो ने कार्ति के खिलाफ लुक आउट नोटिस (LOC) जारी किया था. 14 अगस्त, 2017: सुप्रीम कोर्ट (SC) ने मद्रास HC के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कार्ति के खिलाफ Centre का LOC जारी किया था.

22 सितंबर, 2017: CBI ने SC को बताया कि कार्ति को विदेश यात्रा करने से रोका गया था क्योंकि वह कथित रूप से अपने कई विदेशी बैंक खातों को बंद कर रहा था. 16 फरवरी, 2018: कार्ति के सीए एस भास्कररमन को कथित रूप से भारत और विदेशों में उनकी "बेहिसाब संपत्ति" का प्रबंधन करने के लिए गिरफ्तार किया गया. 28 फरवरी, 2018: कार्ति को चेन्नई हवाई अड्डे पर सीबीआई ने गिरफ्तार किया और उन्हें दिल्ली लाया गया. दिल्ली की अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

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First published: 21 August 2019, 12:43 IST
 
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