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लालू यादव से जुड़े 22 ठिकानों पर IT के छापे

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2017, 12:33 IST
लालू प्रसाद यादव/ फाइल फोटो

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाले में उनके खिलाफ आपराधिक साजिश का मुकदमा चलाने के आदेश दिए थे. मंगलवार सुबह आयकर विभाग ने दिल्ली और एनसीआर में लालू यादव के 22 ठिकानों पर छापे मारे हैं. 

1000 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये छापे बेनामी संपति को लेकर मारे गए हैं. सुबह तकरीबन 8.30 बजे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लालू यादव से जुड़े ठिकानों पर छापे की कार्रवाई शुरू की. ये छापे दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली और गुड़गांव के इलाकों में मारे गए हैं.

बताया जा रहा है कि 1000 करोड़ की कथित बेनामी संपत्ति के सिलसिले में ये छापेमारी की गई है. कटियार फैमिली, कोचर फैमिली और सांसद प्रेमचंद गुप्ता के बेटों के यहां भी इनकम टैक्स की टीम ने छापे मारे हैं.

लालू की बेटी-दामाद के ठिकानों पर छापेमारी

आयकर विभाग ने लालू प्रसाद  यादव की बेटी और दामाद के ठिकानों पर छापेमारी की है. साथ ही लालू के सहयोगी पीसी गुप्ता के संबंधियों के यहां भी छापेमारी हुई है. भाजपा नेता सुशील मोदी लगातार लालू की कथित अवैध संपत्ति को लेकर आरोप लगाते रहे हैं. हाल ही में उन्होंने 40 दस्तावेज भी पेश किए थे. 

आरोप है कि लालू की बेटी ने जिस पैसे से फार्म हाउस खरीदा, वो पैसा दिल्ली के दो एंट्री ऑपरेटरों की कंपनी से आया था. एसके जैन और वीके जैन नाम के एंट्री ऑपरेटर को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) गिरफ्तार कर चुका है.

लालू की ये कथित प्रॉपर्टी निशाने पर

1. दिल्ली में डिफेंस कॉलोनी की संपत्ति

2. दिल्ली में घिटोरनी स्थित शकुंतला फार्म

3. बिजवासन में सैनिक फार्म की प्रॉपर्टी

4. गुरुग्राम की संपत्ति 

शकुंतला फार्म राजद नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेमचंद गुप्ता के नाम पर है. वहीं शकुंतला फार्म में  लालू यादव का भी परिवार रहता है.  आरोपों के मुताबिक जैन की कंपनियों से मिशेल पैकर्स एंड प्रिन्टर्स में पैसा आया. इस कंपनी में मीसा और उनके पति निदेशक हैं. ये कंपनी लालू के अधिकारिक दिल्ली के पते पर रजिस्टर्ड थी.

इसके अलावा अन्य संदिग्ध कंपनियों से भी कथित तौर पर पैसा आया था. आरोप है कि इन पैसों से अनेक बेनामी संपत्ति खरीदी गई. शक के आधार पर कुछ एंट्री ऑपरेटरों के यहां भी छापेमारी हुई है.
First published: 16 May 2017, 12:25 IST
 
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