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जयललिता की भतीजी ने किया शशिकला का विरोध

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 December 2016, 12:37 IST
(एजेंसी)

तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद अब उनकी राजनीतिक विरासत पर कब्जा करने के लिए घमासान शुरू हो गया है.

एक तरफ जहां जयललिता की सबसे करीबी रहीं शशिकला का पार्टी महासचिव बनना तय माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जयललिता के परिवार के लोगों ने शशिकला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

बीते शनिवार को अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेताओं और राज्य सरकार के मंत्रियों ने दिवंगत सीएम जयललिता के आधिकारिक आवास पोएस गार्डन जाकर शशिकला से मुलाकात की.

उसके कुछ ही घंटों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता की भतीजी ने पार्टी के इस कदम को 'बेहद दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया.

जयललिता के भाई जयकुमार की बेटी दीपा जयकुमार ने शनिवार को कहा कि शशिकला के हाथ में पार्टी कमान दिए जाने से असंतोष और नाराजगी बढ़ने की आशंका है.

अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया को उन्होंने बताया कि मैं जानतीं हूं कि लोग शशिकला के महासचिव बनने के फैसले से उत्साहित होने वाले नहीं हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या वह खुद राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं.

उन्होंने कहा, "अगर मौके हैं, तो राजनीति में आना कोई गलत बात नहीं हैं. लोकतंत्र में सबसे अच्छा यह होता है कि आप फैसला जनता के हाथ में छोड़ दें. पार्टी को भी लोगों की आवाज सुननी चाहिए और सबको साथ लेकर भविष्य से जुड़ा कोई फैसला करना चाहिए."

इसके साथ ही दीपा ने उन दावों को भी सिरे से खारिज किया, जिसमें कहा जा रहा था कि जयललिता ने खुद ही शशिकला या फिर उनके एक रिश्तेदार को अपना राजनैतिक वारिस चुना था.

उनका कहना है कि मेरी बुआ ने उल्टा उनको राजनैतिक मैदान से दूर रखा. मैं तो अंदर की थी. मामले को लेकर काफी बहस हो रही थी. शशिकला की ओर से काफी गलतफहमियां पैदा की गई थीं.

दीपा ने कहा कि शशिकला ने मेरी बुआ जयललिता को बिना बताये कई कामों को अंजाम दिया, जिससे बुआ उनसे हमेशा नाराज रहतीं थीं.

वहीं, दूसरी ओर अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता ई मधुसूदन और लोकसभा के डिप्टी स्पीकर एम थंबीदुरई सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शशिकला से अनुरोध किया कि वह पार्टी प्रमुख के तौर पर दिवंगत जयललिता की जगह संभाल लें.

थंबीदुरई ने कहा कि अम्मा के बाद सिर्फ चिन्नम्मा ही हैं. चिन्नम्मा हमेशा से अम्मा के रास्ते पर चलती रही हैं. पार्टी में ‘चिन्नम्मा’ यानी ‘छोटी मां’ के नाम से शशिकला को पुकारा जाता है. महासचिव पद के लिए थंबीदुरई का नाम भी चर्चा में था.

थंबीदुरई ने कहा कि उन्होंने शशिकला को बताया कि पार्टी और लोगों का कल्याण उनके हाथों में है. उन्होंने कहा कि हमने उनसे कहा कि हम आपके साथ हैं.

तमिल टीवी चैनल ‘जया प्लस’ से बातचीत में थंबीदुरई ने कहा कि मैंने उनसे अपील की कि वह पार्टी महासचिव की जिम्मेदारी संभालने के लिए आगे आएं और हमारा मार्गदर्शन करें. यह लोगों की पार्टी है. अम्मा लोगों की नब्ज समझ कर काम करती थीं.

चिन्नम्मा अम्मा के रास्ते पर चलती हैं. लिहाजा, किसी खालीपन की गुंजाइश न छोड़ते हुए चिन्नम्मा को पार्टी महासचिव का पद तुरंत संभाल लेना चाहिए.

थंबीदुरई ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शशिकला अनुरोध स्वीकार कर लेंगी. थंबीदुरई ने कहा कि इस बाबत पार्टी में कोई दो राय नहीं है. पार्टी के सभी कार्यकर्ता, जिला सचिव, सांसद, विधायक एवं अन्य पदाधिकारी इस मुद्दे पर एकमत हैं.

बताया जा रहा है कि शशिकला भी राजनीति के इस मौके को किसी भी कीमत पर नहीं गंवाना चाहती हैं.

जयललिता के अंतिम संस्कार के ठीक अगले ही दिन उनके पति समेत परिवार के कई अन्य सदस्य पोएस गार्डन स्थित आवास में वापस पहुंच गए. सूत्रों का कहना है कि शशिकला अपने पति को पीएस बनाना चाहती हैं.

शशिकला राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करने में लगी रहीं. वह मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम समेत कई दिग्गज मंत्रियों से भी मिलीं.

जयललिता की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल उनकी वसीयत का भी सामने आ रहा है. इस सवाल पर शनिवार को भी पार्टी ने अपनी ओर से स्थिति को साफ नहीं किया.

पार्टी प्रवक्ता पोन्नायन ने कहा कि जयललिता की वसीयत के बारे में सवाल का कोई जवाब नहीं है. जयललिता की कुल संपत्ति 113.72 करोड़ रुपये बताई जा रही है.

First published: 11 December 2016, 12:37 IST
 
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