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जब जयललिता ने सिर्फ़ एक वोट से गिरा दी थी वाजपेयी की सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:37 IST
(फाइल फोटो)

तमिलनाडु की सियासत में जयललिता का कद 1987 में एमजी रामचंद्रन के निधन के बाद लगाार बढ़ता गया. अम्मा जनता के दिलों पर राज करने लगीं, लेकिन देश की सियासत में सबसे पहली बार जयललिता ने अपनी धमक उस वक्त दर्ज की, जब सोनिया गांधी और उनकी मुलाकात के बाद केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार महज एक वोट से गिर गई. ये साल था 1999.

17 अप्रैल, 1999 को तेरह महीने पुरानी अटल बिहारी वाजपेयी की एनडीए सरकार विश्वास मत नहीं हासिल कर सकी. नतीजतन वाजपेयी को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा. देश की सियासत को हिला देने वाले इस घटनाक्रम के सूत्रधार तो सुब्रमण्यम स्वामी थे, लेकिन जयललिता की वजह से ही वाजयेपी को कार्यकाल से पहले ही सत्ता छोड़नी पड़ी.

स्वामी की चाय पार्टी

17 अप्रैल 1999 को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेतृत्व वाली अटल बिहारी वाजपेयी सरकार महज एक वोट से गिर गई थी. इस घटना से पहले एक चाय पार्टी से देश की सियासत में तूफान आ गया.  

मार्च, 1999 में एक चाय पार्टी के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और जयललिता की मुलाकात हुई, इसी दौरान वे वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए राजी हो गईं. सुब्रमण्यम स्वामी ने इस चाय पार्टी का खाका खींचा था.

DMK सरकार को बर्खास्त करने पर अड़ीं

सियासी जानकार मानते हैं कि एनडीए सरकार की सहयोगी जयललिता तत्कालीन डीएमके सरकार को बर्खास्त करने की मांग पर समर्थन वापस लेने की धमकी दे रही थीं.

वहीं बीजेपी का आरोप था कि जयललिा ऐसा खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से बचने के लिए कर रही थीं. दोनों पार्टियों के बीच टकराव बढ़ता गया और आखिरकार जयललिता ने एनडीए सरकार से समर्थन वापस ले लिया. इसी वजह से वाजपेयी सरकार के खिलाफ महज एक वोट से अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया.

2014 में मोदी लहर भी बेअसर

एनडीए ने 23 दलों के साथ सरकार बनाई थी. 13 महीने की वाजपेयी सरकार के गिरने के बाद 1999 में मध्यावधि चुनाव में बीजेपी को फायदा मिला, हालांकि जयललिता को चुनाव में बड़ी कीमत चुकानी पड़ी.

2014 के लोकसभा चुनाव में जयललिता की पार्टी ने राज्य की 39 में से 37 सीटों पर जीत हासिल करके मोदी लहर को बेअसर साबित किया था और जयललिता एक बार फिर बड़ी राजनीतिक क्षत्रप बनकर उभरीं.

First published: 6 December 2016, 1:46 IST
 
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