Home » राजनीति » Jdu senior leader Sharad Yadav says Nitish Kumar does not get mandate to joining hands with BJP and it is unfortunate.
 

शरद यादव: दुर्भाग्यपूर्ण, भाजपा के साथ जाने के लिए नहीं मिला था जनादेश

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 July 2017, 13:45 IST

बिहार में महागठबंधन टूटने से नाराज जेडीयू के पूर्व अध्यक्ष और पार्टी सांसद शरद यादव ने सोमवार को चुप्पी तोड़ी. उन्होंने कहा कि बिहार के सीएम नीतीश कुमार कुमार का ये फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं इस फ़ैसले में उनके साथ नहीं हूं.

शरद यादव ने संसद के बाहर इस मुद्दे पर सोमवार को चुप्पी तोड़ी. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "मैं बिहार में लिए गए पार्टी के फैसले से सहमत नहीं हूं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है."

वर्तमान में जेडीयू के राज्यसभा से शरद यादव ने बिहार के सीएम नीतीश कुमार द्वारा  पिछले बुधवार शाम को महागठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ जाने पर कहा, "2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जनादेश इसके लिए नहीं मिला था." 

दरअसल नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के बाद वो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए थे. मीडिया में उनकी नाराज़गी की खबर आने के बाद ये खबर आई की कि नीतीश कुमार ने उन्हें मना लिया है.

भाजपा के नेता और वर्तमान में वित्त मंत्री का पद संभाल रहे अरुण जेटली ने भी इस मुद्दे पर उनसे बात कर मनाने की कोशिश की थी. सूत्रों के अनुसार, जल्द मोदी मंत्रिमंडल के संभावित विस्तार में जेडीयू के दो लोगों को मंत्री बनाया जा सकता है. इसमें शरद यादव का सबसे आगे चल रहा है.

First published: 31 July 2017, 13:45 IST
 
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