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'जय लोया की मौत नेचुरल, हमारे परिवार को परेशान ना किया जाए'

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 January 2018, 10:51 IST

सोहराबुद्दीन एनकाउंटर केस को देख रहे सीबीआई के जज बीएच लोया की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है. बीएच लोया के बेटे अनुज लोया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने रोते हुए कहा कि उनके पिता की मौत संदिग्ध नहीं थी. उनकी मौत हार्ट अटैक से ही हुई थी. नम आंखों से उन्होंने कहा कि कृपया उनके घर वालों को परेशान न किया जाए.

दिवंगत जज लोया के बेटे अनुज लोया ने कहा कि बीते कुछ दिनों से मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा है. हम पहले से ही बेहद दुखी हैं. बीते कुछ दिनों से ये परेशानी और बढ़ गई है. कृपया हमें परेशान न करें.

अनुज ने कहा कि जिस समय मेरे पिता की मौत हुई थी, मैं 17 साल का था. वह वक्त पूरे परिवार के लिए बेहद तकलीफदेह था. मेरे पिता की मौत संदिग्ध नहीं थी. उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी. इस मामले की जांच का फैसला हम नहीं करेंगे. हमें किसी पर शक नहीं है. अनुज के साथ बैठे उनके परिवार के वकील अमित नाइक ने कहा कि जज लोया की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. इस पर कोई विवाद न करे.

दिवंगत जज लोया के बेटे अनुज लोया ने कहा कि बीते कुछ दिनों से मेरे परिवार को परेशान किया जा रहा है. हम पहले से ही बेहद दुखी हैं. बीते कुछ दिनों से ये परेशानी और बढ़ गई है. कृपया हमें परेशान न करें.

अनुज ने कहा कि जिस समय मेरे पिता की मौत हुई थी, मैं 17 साल का था. वह वक्त पूरे परिवार के लिए बेहद तकलीफदेह था. मेरे पिता की मौत संदिग्ध नहीं थी. उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई थी. इस मामले की जांच का फैसला हम नहीं करेंगे. हमें किसी पर शक नहीं है.

अनुज के साथ बैठे उनके परिवार के वकील अमित नाइक ने कहा कि जज लोया की मौत पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. इस पर कोई विवाद न करे.

अनुज लोया ने कहा है कि उनके परिवार को किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है. संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, 'पिता की मृत्यु को लेकर कोई संदेह नहीं है, पहले था, लेकिन यह दूर हो चुका है'. आंखों में आंसू लिये अनुज लोया ने गैर सरकारी संगठनों और नेताओं से उनके पिता की मृत्यु को लेकर उनके परिवार को परेशान करना बंद करने की अपील की. संघ ने इस सप्ताह की शुरुआत में उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर लोया की 2014 में हुई मौत की परिस्थितियों की जांच की मांग की थी.

गौरतलब है कि जज लोया की मौत साल 2014 में उस समय हुई थी जब वह 2005 में कथित फर्जी मुठभेड़ में गैंगस्टर सोहराबुद्दीन शेख, उसकी पत्नी कौसर बी और उसके सहयोगी तुलसी प्रजापति के मारे जाने से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे थे. न्यायाधीश लोया अपने सहयोगी न्यायाधीश की पुत्री के विवाह में शामिल हो गये थे जहां एक दिसंबर, 2014 को कथित रूप से हृदय गति रुक जाने से उनकी मृत्यु हो गयी थी.

First published: 15 January 2018, 10:51 IST
 
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