Home » राजनीति » Kapil Sibal told the SC that 'triple talaq is going on since 1400 years, how can you say it is unconstitutional?'
 

SC में सिब्बल बोले- राम की तरह तीन तलाक़ मुसलमानों के लिए आस्था का विषय

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2017, 12:49 IST

तीन तलाक के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है. बुधवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि मुस्लिम समाज में तीन तलाक 1400 साल से जारी है. अगर राम का अयोध्या में जन्म होना, आस्था का विषय हो सकता है, तो तीन तलाक का मुद्दा आस्था का विषय क्यों नहीं हो सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने कहा कि इस्लाम ने महिलाओं को काफी पहले ही अधिकार दिये हुए हैं. तीन तलाक परिवार और पर्सनल लॉ संविधान के तहत हैं. यह व्यक्तिगत आस्था का विषय है. कपिल सिब्बल ने ये जवाब तब दिया, जब जस्टिस कुरियन जोसेफ ने कपिल सिब्बल से पूछा कि क्या कोई ई-तलाक जैसी भी चीज है.

तीन तलाक पर नया कानून लाएगी मोदी सरकार 

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान मोदी सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने 5 सदस्यीय संविधान पीठ से कहा, "अगर अदालत तुरंत तलाक (तीन तलाक) के तरीके को खारिज कर देती है, तो केंद्र सरकार मुस्लिम समुदाय के बीच शादी और तलाक से जुड़ा एक नया कानून लाएगी."

बहुविवाह-निकाह हलाला की भी होगी समीक्षा

इससे पहले सोमवार को तीन तलाक के मुद्दे पर सुनवाई करते हुए सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो तीन तलाक के साथ-साथ बहुविवाह और निकाह हलाला की भी समीक्षा करेगा, लेकिन कोर्ट अभी तीन तलाक पर ही अपनी सुनवाई करेगा. सोमवार को सरकार की तरफ से पेश मुकुल रोहतगी ने कोर्ट से इसकी मांग की थी. 

First published: 16 May 2017, 12:49 IST
 
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