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कर्नाटक: केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकती है कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 19 May 2018, 9:55 IST

कर्नाटक विधानसभा में कल होने वाले बहुमत परीक्षण के लिए कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला ने भारतीय जनता पार्टी के विधायक केजी बोपैया को प्रोटेम स्पीकर बनाया दिया है. हालांकि इस बात को लेकर कांग्रेस नेता विरोध कर रहे हैं, कांग्रेस का कहना है कि वह बोपैया की नियुक्ति के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी.

इससे पहले प्रोटेम स्पीकर के लिए कांग्रेस के विधायक रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे का नाम था. बता दें कि कांग्रेस के विधायक रघुनाथ विश्वनाथ देशपांडे सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं और बोपैया तीन बार बीजेपी के टिकट पर विधायक रह चुके हैं. इस बात को लेकर कांग्रेस नेता विरोध कर रहे हैं.

ये होता है प्रोटेम स्‍पीकर

दरअसल, प्रोटेम स्‍पीकर की नियुक्ति नियुक्ति गवर्नर करता है और विधानसभा में प्रोटेम स्‍पीकर एक अस्थाई अध्यक्ष होता है. प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति तब की जाती है जब विधानसभा अपना स्‍थायी विधानभा अध्‍यक्ष नहीं चुन लेती. कल चार बजे से पहले सभी विधायकों को शपथ दिलायी जाएगी और चार बजे शक्ति परीक्षण होगा. बोपैया इससे पहले भी विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रहे हैं. 2009 में वह 4 दिन के लिए प्रोटेम स्पीकर रहे और इस दौरान बीजेपी ने बहुमत हासिल किया था.

वहीं कांग्रेस की ओर से दलील देते हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि कांग्रेस शनिवार को बिना किसी देरी के फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार है. वहीं रोहतगी ने एक हफ्ते का टाइम मांगा है. उन्होंने फौरन बहुमत परीक्षण का विरोध किया. बता दें कि कर्नाटक चुनाव में बीजेपी को 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस को 38 सीटें मिली थीं.

इसके बाद कांग्रेस और जेडीएस ने पोस्ट पोल अलायंस कर सरकार बनाने का दावा किया था. इसे लेकर दोनों पार्टियों ने कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला को पत्र भी सौंपा था लेकिन राज्यपाल ने सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते बीजेपी को सरकार बनाने का न्यौता दिया था.

First published: 18 May 2018, 17:34 IST
 
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