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कर्नाटक : सबकी नजरें अब स्पीकर पर, सरकार बचाने की कवायद में जुटी कांग्रेस

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 July 2019, 9:21 IST

कर्नाटक में सभी की निगाहें आज विधान सभा अध्यक्ष के.आर. रमेश कुमार पर हैं जो आज अपने कार्यालय लौटेंगे. स्पीकर का फैसला इस पूरे घटनाक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा कर सकता है. पिछले सप्ताह कांग्रेस-जेडीएस सरकार में शामिल 13 विधायकों ने इस्तीफ़ा दे दिया था. सभापति ने शनिवार को सभी विधायकों को फोन करके, उनसे बात करके और फिर मंगलवार को प्रक्रिया शुरू करने का वादा किया था.

बागी विधायकों के मंगलवार सुबह स्पीकर से मिलने की उम्मीद है. हालांकि वे कांग्रेस विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं होंगे. जहां गठबंधन सरकार ने बागी विधायकों को वापस लाने की कोशिश में पुराने मंत्रिमंडल को खाली कर दिया है, वहीं कांग्रेस और जनता दल (सेकुलर) भी इसे कानूनी रूप से लड़ने की योजना बना रहे हैं. कांग्रेस अध्यक्ष दल-बदल के तहत बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग कर सकते हैं.

कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, "हमारे पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा नहीं दिया बल्कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी द्वारा उकसाया गया''. जद (एस) के भी तीन बागी विधायकों के खिलाफ इसी तरह की याचिका दायर करने की संभावना है.

कांग्रेस का आरोप है कि बागी विधायकों से कथित तौर पर वादा किया गया है कि भाजपा सरकार शपथ लेती है तो उपचुनावों से पहले ही उन्हें मंत्री बनाया जाएगा. संविधान की धारा 164 (1) (बी) में कहा गया है कि दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्य घोषित किए गए सदस्य को उस तारीख तक मंत्री नहीं बनाया जा सकता है.

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First published: 9 July 2019, 9:09 IST
 
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